अमेरिका दौरे पर रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा
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अमेरिका दौरे पर रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास भी गए। इस महत्वपूर्ण बातचीत में आरबीआई गवर्नर के अलावा निवेशकों और वरिष्ठ बैंकिंग अधिकारियों की मौजूदगी भी रही। कार्यक्रम के दौरान उद्योग जगत के दिग्गजों से संवाद किया गया। गवर्नर मल्होत्रा ने आर्थिक मामलों के जानकारों की मौजूदगी में भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति और विकास संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
गवर्नर मल्होत्रा ने भारत के मजबूत वृहद आर्थिक बुनियादी सिद्धांतों को रेखांकित किया। उन्होंने देश के सुदृढ़ नीतिगत ढांचे और वित्तीय बाजारों में लगातार वृद्धि का उल्लेख किया। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 700 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। उन्होंने भारत के बढ़ते वैश्विक आर्थिक जुड़ाव पर भी जोर दिया। भारत ने 37 देशों को कवर करते हुए आठ मुक्त व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दिया है।
सरकारी और कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजारों की गहराई भी लगातार बढ़ रही है। वैश्विक झटकों के बावजूद, मुद्रास्फीति और बाहरी ऋण लक्ष्य स्तरों के भीतर बने हुए हैं। यह भारत के आर्थिक प्रबंधन के लचीलेपन को दर्शाता है। गवर्नर ने नियामक सुधारों के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने विदेशी निवेशकों के लिए पहुंच और संचालन में आसानी बढ़ाने की बात कही।
भारत की आर्थिक मजबूती
भारत के मजबूत बुनियादी सिद्धांत वैश्विक निवेशकों का विश्वास बढ़ा रहे हैं। देश का वित्तीय क्षेत्र लचीला बना हुआ है। आगे की सोच वाले सुधार लगातार जारी हैं। ये सभी कारक भारत की विकास गाथा को मजबूती दे रहे हैं। यह वैश्विक आर्थिक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
विदेशी निवेशकों के लिए अवसर
भारत विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर प्रदान कर रहा है। नियामक सुधारों से निवेश का माहौल बेहतर हुआ है। सरकार विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। आसान पहुंच और संचालन से निवेश प्रक्रिया सुगम हुई है। यह भारत को एक पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाता है।