भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास
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आज भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सीआईआई नेशनल काउंसिल को संबोधित करते हुए कि हमें कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ मजबूती से लड़ने की जरूरत है। महामारी की वजह से देश में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि मध्यम अवधि के लिए अर्थव्यव्स्था में बदलाव पर ध्यान होगा।
दास के अनुसार, भारत को कृषि आय में निरंतर वृद्धि के लिए नीतियों की आवश्यकता है। हालांकि हाल के कृषि सुधारों ने नए अवसर खोले हैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए बेहतर वृद्धि की संभावनाएं हैं। ग्रोथ को गति देने में इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका अहम है और बदले हालात का मजबूती से सामना करने की आवश्यकता है।
विश्व बैंक की 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक, जीवीसी (ग्लोबल वैल्यू चेन) की भागीदारी में एक फीसदी की वृद्धि से देश की प्रति व्यक्ति आय का स्तर एक फीसदी से अधिक बढ़ सकता है।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि भारत के लिए अमेरिका और अन्य देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों की बातचीत जल्द पूरा करने पर ध्यान देने की जरूरत। बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में काम काज बढ़ाने से आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र दोनों को इस क्षेत्र के विकास में प्रमुख भूमिका निभानी चाहिए। रिजर्व बैंक का मुद्रा की विनिमय दर के लिए कोई निर्धारित लक्ष्य नहीं है, लेकिन अनावश्यक घट-बढ़ पर नजर रहेगी।
बैंकों को सलाह
आगे उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक पूरी तरह से सजग है, जब भी कदम उठाने की जरूरत होगी उसमें कोताही नहीं बरती जाएगी। बैंकों को सलाह दी गई है कि वह प्रतिकूल परिस्थितियों में दबाव सहने की क्षमता का परीक्षण करें और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए पूंजी जुटाएं।
चार अगस्त से शुरू होगी MPC बैठक
आरबीआई के गवर्नर की अध्यक्षता में मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिन चलने वाली बैठक चार अगस्त से शुरू होनी है और छह अगस्त को इस बारे में घोषणा की जाएगी। केंद्रीय बैंक आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दर रपो में 0.25 फीसदी की और कटौती कर सकता है।