आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारी 22 से 25 फरवरी तक बंगलूरू में जी-20 के लिए साइबर सुरक्षा पर एक पैनल चर्चा में शामिल हुए थे। जैन ने कहा, उभरते परिवेश और इसमें शामिल जोखिमों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त सुरक्षा की जरूरत है।
आरबीआई के कार्यकारी निदेशक रोहित जैन ने सोमवार को बैंकों और वित्तीय संस्थानों से बैंकिंग सुरक्षा को पर्याप्त रूप से संसाधन मुहैया कराने के लिए कहा। उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में क्लाउड कंप्यूटिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) के संभावित प्रभाव के लिए भी तैयार रहने की जरूरत बताई।
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आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारी 22 से 25 फरवरी तक बंगलूरू में जी-20 के लिए साइबर सुरक्षा पर एक पैनल चर्चा में शामिल हुए थे। जैन ने कहा, उभरते परिवेश और इसमें शामिल जोखिमों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त सुरक्षा की जरूरत है। इसके लिए कर्मचारियों की संख्या, विशेषज्ञता के स्तर, उपकरणों और तकनीकों के उपयोग के साथ आईटी पर भी ध्यान देना चाहिए। बैंकों को अपनी महत्वपूर्ण सूचना संपत्तियों के खतरे का लगातार मूल्यांकन करना चाहिए। कमजोरियों का परीक्षण कर साइबर सुरक्षा जोखिमों के प्रति सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहिए।
करते रहें साइबर सुरक्षा जोखिमों की समीक्षा
जैन ने बोर्डों और बैंकों के वरिष्ठ प्रबंधन से उभरते जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करने और समय-समय पर साइबर सुरक्षा जोखिमों के स्तर और दिशा की समीक्षा करने की अपील की। कुछ परिणाम जो हमें फिशिंग के अध्ययन से मिलते हैं, उसके आधार पर संबंधित संस्थाओं को फायरवॉल को मजबूत करना चाहिए। साथ ही उनके कर्मचारियों के बीच बेहतर जागरूकता पैदा करने की जरूरत भी है।