02% तक शुल्क में कमी आएगी दूसरे देशों में राशि भेजने पर
- अभी 7% से अधिक देना होता है शुल्क
- 2022 के बजट में डिजिटल मुद्रा लाने की हुई थी घोषणा
- चीन और दक्षिण कोरिया समेत 14 देश डिजिटल मुद्रा पेश करने की तैयारी में
- नौ देश डिजिटल मुद्रा लॉन्च कर चुके हैं।
- बहामास ने 2020 में सबसे पहला सीबीडीसी लॉन्च किया था।
खुदरा और थोक सीबीडीसी
सीबीडीसी करेंसी नोट के डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में है। इसे दो रूपों में वर्गीकृत किया जा सकता है। पहला खुदरा और दूसरा थोक।
- खुदरा सीबीडीसी सभी के लिए उपलब्ध होगा, जबकि थोक सीबीडीसी को चुनिंदा वित्तीय संस्थानों तक सीमित पहुंच के लिए डिजाइन किया गया है।
अंतर संचालित प्रणाली मकसद : नीतिगत ढांचे की जानकारी
विचार-पत्र में ई-रूपी के बैकग्राउंड, प्रेरणा, डिजाइन सुविधाओं के विकल्प व अन्य नीतिगत ढांचों को प्रस्तुत किया गया है।
- इसका मकसद खुली, समावेशी, अंतर संचालित प्रणाली बनाना है, जो आधुनिक डिजिटल आर्थिकी की जरूरतों को पूरा करेगी।
निजी वर्चुअल करेंसी को खत्म करेगी सीबीडीसी
आरबीआई के डिप्टी गवर्नर टी रबि शंकर ने कुछ समय पहले ही कहा था कि सीबीडीसी बिटकॉइन जैसी निजी वर्चुअल करेंसी को खत्म कर देगा। गौरतलब है कि आरबीआई पहले से ही ऐसी मुद्रा को कानूनी मान्यता देने के पक्ष में नहीं है।
60 देशों की दिलचस्पी
ई-रूपी को सीमा पार भुगतान के लिए अहम माना जा रहा है। इस सिलसिले में अमेरिका की फिनटेक कंपनी एफआईएस से वार्ता जारी है।
- विश्व के 60 से ज्यादा देशों के केंद्रीय बैंकों ने ऐसी मुद्रा में दिलचस्पी दिखाई है, जो अपनी जरूरतों के मुताबिक विशेष ई-मुद्रा जारी करते हैं।
मोबाइल और वॉलेट में भी रख सकते हैं
ई-रूपी को मोबाइल फोन व वॉलेट दोनों में रखा जा सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में डिजिटल मुद्रा की घोषणा की थी।