आरबीआई ने रेपो दर को लगातार 11वीं बार यथावत रखते हुए भले ही सीधे तौर पर कर्जदारों को कोई राहत नहीं दी है, लेकिन नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में 0.5 फीसदी की कटौती कर अप्रत्यक्ष तौर पर थोड़ी रियायत जरूर दी है। केंद्रीय बैंक के इस कदम से बैंकों को 1.16 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी मिलने की उम्मीद है। इससे वे आने वाले समय में कर्ज दरों के मोर्चे पर राहत जरूर दे सकते हैं।
ऐसे में अगर आपका कोई होम लोन चल रहा है तो मौजूदा या किसी अन्य बैंक में रिफाइनेंस कराने पर विचार कर सकते हैं। अगर नया घर खरीदना चाहते हैं तो भी ब्याज को लेकर मोलभाव कर सकते हैं।
रिफाइनेंस कराने के फायदे
आपने 9 फीसदी ब्याज पर 240 माह के लिए 50 लाख का होम लोन लिया है तो 57.96 लाख ब्याज समेत कुल 1,07,96,711 रुपये चुकाना होगा। ईएमआई 44,986 रुपये होगी। ऐसे में...
मौजूदा बैंक के साथ
अपने मौजूदा बैंक से ब्याज दर कम करने को कहें। कोई दस्तावेज नहीं देना होगा।
बचत : बैंक अगर 8.50 फीसदी ब्याज पर रिफाइनेंस करता है तो 3.83 लाख की बचत होगी यानी आपको ब्याज के रूप में सिर्फ 54.13 लाख ही देना होगा।
किसी अन्य बैंक में
किसी अन्य बैंक में होम लोन बैलेंस ट्रांसफर कराते हैं तो प्रोसेसिंग और लीगल शुल्क का भुगतान करना होगा।
बचत : बैंक अगर बैंलेंस ट्रांसफर पर 8.25 फीसदी ब्याज दर की पेशकश करता है तो आपको ब्याज के रूप में सिर्फ 52.24 लाख रुपये का ही भुगतान करना होगा। यानी 5.72 लाख की बचत होगी।
बचत के अन्य तरीके
n अधिक ईएमआई चुकाएं : अगर आप 44,986 रुपये की जगह 50,000 रुपये ईएमआई भरने लगते हैं तो कर्ज अवधि 240 महीने से कम होकर 186 माह रह जाएगी।
n एक अतिरिक्त ईएमआई भरें : पूरे साल में एक अतिरिक्त ईएमआई भरने पर आपकी कर्ज अवधि घटकर 195 महीने रह जाएगी।
n कुल बचे कर्ज का 5 फीसदी भुगतान करें : ईएमआई के अलावा अगर आप हर 12 महीने में एक बार बचे कुल कर्ज का 5 फीसदी हिस्सा भुगतान करते हैं तो आपकी देनदारी 133 महीने में ही खत्म हो जाएगी।
बैंकों से मोलभाव का अच्छा समय
रेपो दर में कोई बदलाव नहीं होने से अभी आपकी ईएमआई नहीं बढ़ेगी। यह उन उधारकर्ताओं के लिए अच्छी खबर है, जिनकी आर्थिक स्थिति तंग है। बैंक कर्ज दरों को स्थिर बनाए रख सकते हैं। अगर आप घर खरीदना चाहते हैं या अपने होम लोन को रिफाइनेंस कराने की योजना बना रहे हैं, तो यह कम ब्याज दर के लिए मोलभाव करने का अच्छा समय हो सकता है।
आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंक बाजार