भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 'वित्तीय बाजारों के लिए तकनीकी सलाहकार समिति' (TCCFM) के गठन की घोषणा की है। यह कदम 7 अक्तूबर, 2026 को 'विकासात्मक और विनियामक नीतियों' पर जारी बयान के अनुरूप उठाया गया है। समिति का लक्ष्य तेजी से बदलते वित्तीय बाजारों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। यह आरबीआई को बाजार प्रतिभागियों और हितधारकों के साथ व्यवस्थित चर्चा का मंच प्रदान करेगी।
समिति मुद्रा बाजार, सरकारी प्रतिभूति बाजार और विदेशी विनिमय बाजार पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसमें इनसे जुड़े व्युत्पन्न बाजार और बुनियादी ढांचे से संबंधित विषय भी शामिल होंगे। आरबीआई के वित्तीय बाजार विनियमन विभाग के प्रभारी उप गवर्नर इस समिति की अध्यक्षता करेंगे। समिति सरकारी प्रतिभूतियों, विदेशी मुद्रा और व्युत्पन्न बाजारों के कामकाज की जांच करेगी। यह इनकी कार्यकुशलता, तरलता और लचीलेपन से जुड़े मुद्दों पर गौर करेगी।
समिति क्यों बनाई गई और इसका मुख्य कार्य क्या है?
यह समिति तेजी से बदलते वित्तीय बाजारों और बुनियादी ढांचे को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसका मुख्य कार्य नीतिगत और परिचालन संबंधी मामलों पर व्यवस्थित चर्चा करना है। समिति बाजार में अचानक आने वाली दिक्कतों की पहचान करेगी। यह अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर किसी भी नए विकास को भी परखेगी। वित्तीय नवाचार और भारतीय वित्तीय बाजार पर प्रभाव डालने वाले जोखिमों की पहचान करना भी इसका काम है। आरबीआई द्वारा भेजे गए किसी विशेष बाजार मुद्दे पर भी समिति विचार करेगी।
समिति की बैठकें कब होंगी और किन विषयों पर चर्चा होगी?
समिति की बैठक हर तिमाही में कम से कम एक बार बुलाई जाएगी। इसमें वित्तीय बाजारों पर प्रभाव डालने वाली नई नीतियों पर चर्चा होगी। परिचालन संबंधी परेशानियों को भी बैठक में उठाया जाएगा। आरबीआई के उपायों को लागू करने पर भी विचार-विमर्श होगा। वृहद-आर्थिक बातें भी समिति के संदर्भ की शर्तों में शामिल हैं। यह एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगी।
समिति में कौन-कौन से विशेषज्ञ शामिल हैं?
समिति में कई बाहरी विशेषज्ञ सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें सेबी के पूर्व पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण प्रमुख हैं। फिक्स्ड इनकम मनी मार्केट एवं डेरिवेटिव्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष शमशेर सिंह भी सदस्य हैं। एक्सिस बैंक के कार्यकारी निदेशक नीरज गंभीर और आईसीआईसीआई बैंक के कोष और अर्थव्यवस्था अनुसंधान प्रमुख शैलेंद्र झिंगन भी इसमें हैं। सिटीबैंक इंडिया के प्रबंध निदेशक प्रमुख आदित्य बागरी और क्लियरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक नंद किशोर भी सदस्य हैं। मॉर्गन स्टेनली इंडिया की प्रबंध निदेशक रिधम देसाई भी इस समिति का हिस्सा हैं।