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RBI: 'निजी निवेश को गति देने के लिए वित्तीय व मौद्रिक कदम', जानें त्योहारी मांग पर आरबीआई बुलेटिन में क्या खास

Mon, 24 Nov 2025 08:03 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/मुंबई

सार

RBI Bulletin: भारतीय रिजर्व बैंक की नवंबर बुलेटिन में कहा गया है कि अक्तूबर के उच्च-आवृत्ति संकेतक बताते हैं कि त्योहारी सीजन की मांग और जीएसटी सुधारों के सकारात्मक प्रभाव से विनिर्माण और सेवा दोनों क्षेत्रों में मजबूत विस्तार हुआ है। बुलेटिन में और क्या खास है, आइए विस्तार से जानते हैं। 
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भारतीय रिजर्व बैंक - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों के बावजूद रफ्तार पकड़ रही है। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नवंबर बुलेटिन में प्रकाशित ‘स्टेट ऑफ द इकोनॉमी’ लेख के अनुसार, इस साल उठाए गए वित्तीय, मौद्रिक और नियामक कदम एक 'सकारात्मक चक्र' की शुरुआत करेंगे। इससे निजी निवेश और विकास को बढ़ावा मिलेगा और दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती सुनिश्चित होगी।
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केंद्रीय बैंक की बुलेटिन में कहा गया है कि अक्तूबर के उच्च-आवृत्ति संकेतक बताते हैं कि त्योहारी सीजन की मांग और जीएसटी सुधारों के सकारात्मक प्रभाव से विनिर्माण और सेवा दोनों क्षेत्रों में मजबूत विस्तार हुआ है।

मुद्रास्फीति ऐतिहासिक निचले स्तर पर

रिपोर्ट के मुताबिक, मुद्रास्फीति ऐतिहासिक रूप से कम रही और लक्ष्य दर से नीचे बनी हुई है। वित्तीय परिस्थितियां अनुकूल हैं और संसाधनों का प्रवाह स्थिर है। लेख में कहा गया है, “इस साल उठाए गए वित्तीय, मौद्रिक और नियामक कदम निजी निवेश, उत्पादकता और विकास को बढ़ावा देंगे, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती आएगी।”

वैश्विक अनिश्चितता का दौर जारी

रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्तूबर में एक साल से जारी वैश्विक अनिश्चितता में थोड़ी कमी जरूर आई, पर इससे जुड़ी चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि वैश्विक इक्विटी बाजारों में बढ़ती उत्साहजनक स्थिति स्थिरता पर सवाल उठाती है। बुलेटिन में यह भी साफ किया गया है कि इसके आलेखों में दिए गए विचार लेखकों के हैं, ये आरबीआई के आधिकारिक विचार नहीं हैं।
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