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रेल हादसों से सबक: सुरक्षित कोच बनेंगे, सिग्नल-ट्रैक होंगे और दुरुस्त; सेफ्टी पर 1,08,795 करोड़ खर्चेगा रेलवे

सार

रेलवे ट्रैक पर लगातार हो रहे ट्रेन हादसों को देखते हुए रेलवे विशेष सतर्कता बरत रहा है। इस साल पूरा फोकस रेलवे का सेफ्टी को लेकर रहेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी कहा कि उनके लिए एक-एक जान कीमती है।
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केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव - फोटो : ANI
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विस्तार
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देश की सुरक्षा के साथ ट्रेन यात्रियों की सेफ्टी भी केंद्र सरकार के लिए अहम है। आम बजट में रक्षा क्षेत्र को सर्वाधिक बजट प्रस्तावित है, वैसे ही रेल यात्रियों की सेफ्टी के लिए बजट में विशेष पहल की गई है। कुल 2,62,300 करोड़ रुपये वाले बजट में 1,08795 करोड़ रुपया सेफ्टी पर रेलवे खर्च करेगा।

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इस साल रेलवे का न केवल ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम 'कवच' से रेलवे नेटवर्क को लैस करने पर फोकस रहेगा बल्कि सेफ्टी के लिए पुराने ट्रैक को ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम से ट्रेन को संचालित करने, बार-बार ट्रैक फ्रैक्चर की घटना को देखते हुए पुराने ट्रैक को नया बनाने, रेलवे ब्रिज रखरखाव, रोड सेफ्टी के लिए लेवल क्रॉसिंग निर्माण, रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज भी बनाने पर रहेगा। रेलवे ट्रैक पर लगातार हो रहे ट्रेन हादसों को देखते हुए रेलवे विशेष सतर्कता बरत रहा है। इस साल पूरा फोकस रेलवे का सेफ्टी को लेकर रहेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी कहा कि उनके लिए एक-एक जान कीमती है। भविष्य में ट्रेन दुर्घटना ना हो इसके लिए कई कदम उठाए जा रहे है। इनमें 'कवच' भी काफी महत्वपूर्ण हो गया है।

आरडीएसओ ने दी 'कवच' को हरी झंडी, खर्च होंगे 1,112.57 करोड़
अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) ने 'कवच' 4.0 को हरी झंडी दे दी है। ट्रेनों की टक्कर और ट्रेन दुर्घटना रोकने के लिए देशी तकनीक से तैयार यह सिस्टम सफल माना जा रहा है। रेल मंत्री ने कहा है कि कवच तकनीक ने अब अपना एक मानक बना लिया है। अब तेज गति से इस तकनीक से रेलवे ट्रैक, स्टेशन और इंजन को लैस किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कवच के लिए 4,275 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर बिछाया गया है। जल्द ही 10,000 ट्रेन के इंजन पर इसका उपकरण लगाया जाएगा। हालांकि उन्होंने स्पष्टता के साथ कहा कि यूरोप के देशों में इस तरह के सिस्टम से रेलवे ट्रैक को लैस करने में 20 साल का वक्त लग गया था।भारतीय रेलवे का नेटवर्क तक यूरोप के कई देशों से बड़ा है।
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सेफ्टी को ध्यान में रख रेलवे कोच के डिजाइन में भी बदलाव कर रहा है। इस चालू वित्त वर्ष में 2,500 जनरल कोच निर्माण को बढ़ाकर 10,000 किया गया है। इसमें भी सेफ्टी फीचर का पूरा ध्यान रखा गया है। यह सभी कोच एलएचबी होंगी। यात्री क्षमता वृद्धि, उच्च घनत्व नेटवर्क की भीड़ कम करना, देश में लॉजिस्टिक लागत में कमी लाना, यात्री अनुभव और उनकी सेफ्टी को बढ़ाना सरकार के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं।

हादसे के वक्त खुद लग जाएंगे ब्रेक
स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली 'कवच' पर अब तक रेलवे 1,216.77 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। 2024-25 के दौरान 1,112.57 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कवच लोको पायलट के ब्रेक लगाने में विफल होने पर खुद ब्रेक लगाकर ट्रेन को चलाने में सहायता करता है। खराब मौसम के दौरान ट्रेन को सुरक्षित रूप से चलाने में भी मदद करता है।

सुरक्षा पर होने वाले मुख्य काम
मद खर्च
लेवल क्रॉसिंग 705
रोड ओवरब्रिज-अंडरब्रिज 9,275
ट्रैक रिन्यूअल 17,652
ब्रिज वर्क 2,137
सिग्नलिंग-टेलीकॉम 4,647
वर्कशॉप 4,904
कोच निर्माण, मरम्मत 23,451
अन्य 4,712

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