प्रवासी मजदूरों को निकालने के लिए बस के अलावा विशेष ट्रेन चलाने पर भी माथापच्ची हुई क्योंकि कई राज्यों ने महज बस से फंसे लोगों को निकालने में असमर्थता जताई।
जल्द वापस लाए जाएंगे छात्र और प्रवासी श्रमिक: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि, 'मैं सभी छात्रों, प्रवासी श्रमिकों और अन्य लोगों को लॉकडाउन के बीच अन्य राज्यों में फंसे होने पर आश्वासन देता हूं कि हमारा प्रशासन जल्द ही आपसे संपर्क करेगा और राज्य में वापस आने में आपकी मदद करेगा। घबराएं नहीं।'
छत्तीसगढ़ के सीएम ने पीएम मोदी से की स्पेशल ट्रेन की मांग
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर लॉकडाउन के बीच दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के लिए 'पॉइंट टू पॉइंट' स्पेशल ट्रेन की मांग की है। पत्र में लिखा गया है कि, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से पहले ही अनुरोध किया जा चुका है।
बिहार सरकार ने केंद्र से किया विशेष ट्रेन चलाने का अनुरोध
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रवासी मजदूरों के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक बैठक की। बिहार के मंत्री संजय झा ने कहा कि एक बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक और छात्र अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं। हमने एक विशेष ट्रेन के लिए केंद्र से अनुरोध किया है। यदि बसों का उपयोग किया जाता है तो केवल एक तिहाई लोग ही आ पाएंगे। बिहार के लोग महाराष्ट्र, तमिलनाडु और अन्य स्थानों पर हैं। उन्हें सुरक्षित वापस लाना महत्वपूर्ण है।
तेलंगाना से झारखंड के लिए विशेष ट्रेन रवाना
मालूम हो कि तेलंगाना के लिंगमपल्ली में फंसे मजदूरों को लाने के लिए एक स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था की गई है जो आज रात को झारखंड पहुंच जाएगी। लॉकडाउन शुरू होने के बाद से रेलवे ने पहली बार तेलंगाना के लिंगमपल्ली में फंसे 1,200 प्रवासियों को झारखंड के हटिया तक ले जाने के लिए विशेष ट्रेन चलाई। आरपीएफ के डीजी अरुण कुमार ने बताया, '24 बोगियों वाली यह ट्रेन शुक्रवार सुबह चार बजकर 50 मिनट पर रवाना हुई।' उन्होंने बताया कि यह प्रवासियों के लिए अब तक चलने वाली पहली ट्रेन है। संयोग से शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस भी है।