रेलवे के यात्री वर्ग में होने वाली आय के राजस्व में 92 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। एक अप्रैल से आठ अक्तूबर के बीच इस मद में रेलवे की कुल अनुमानित आय 33,476 करोड़ रुपये रही है। रेलवे की ओर से मंगलवार को एक बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी गई है।
भारतीय रेलवे का यात्री राजस्व पिछले वर्ष एक अप्रैल से आठ अक्टूबर की अवधि के दौरान मूल आधार पर 17,394 करोड़ रुपये था। आरक्षित यात्री सेगमेंट में इस अवधि के दौरान बुक किए गए यात्रियों की कुल अनुमानित संख्या पिछले वर्ष की समान अवधि के 34.56 करोड़ की तुलना में 42.89 करोड़ रुपये है, जो 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
एक अप्रैल से आठ अक्टूबर 2022 की अवधि के दौरान आरक्षित यात्री खंड से रेलवे का राजस्व 26,961 करोड़ रुपये रहा। जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान के राजस्व 16,307 करोड़ रुपये की तुलना में 65 प्रतिशत अधिक है।
अनारक्षित यात्री खंड में इस अवधि के दौरान बुक किए गए यात्रियों की कुल अनुमानित संख्या पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 90.57 करोड़ रुपये की तुलना में 268.56 करोड़ रुपये है, इस तरह इसमें 197 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एक अप्रैल से आठ अक्टूबर 2022 की अवधि के दौरान अनारक्षित यात्री सेगमेंट से जेनरेट किया गया राजस्व 6,515 करोड़ रुपये रहा। पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान राजस्व 1,086 करोड़ रुपये था। इसमें जो 500 प्रतिशत की वृद्धि आई है।