Indian Railways: रेलवे बोर्ड ने कुछ जोन की ओर से अनिवार्य वार्षिक सुरक्षा ऑडिट न करने पर कड़ी चिंता जताई और सभी 18 जोन से तुरंत रिपोर्ट जमा करने या देरी का कारण बताने को कहा है। हर साल एक जोन को दूसरे जोन का दो बार सुरक्षा निरीक्षण करना होता है, ताकि खामियों की पहचान कर सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाया जा सके।
रेलवे बोर्ड ने परिचालन सुरक्षा के लिए अनिवार्य दो वार्षिक ऑडिट कराने में कुछ जोन की विफलता पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। बोर्ड ने सभी 18 जोन के महाप्रबंधकों को पत्र लिखकर कहा है कि इस चूक को गंभीरता से लिया गया है।
विज्ञापन
बोर्ड ने निर्देश दिया है कि जिन जोन ने अब तक अपना पिछला इंटर-रेलवे सुरक्षा निरीक्षण नहीं किया है, वे या तो अपनी ऑडिट रिपोर्ट जमा करें या निरीक्षण न करने का कारण बताएं। सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने और संभावित खतरों की पहचान करने के लिए हर साल एक जोन की ओर से दूसरे जोन का दो बार निरीक्षण किया जाना जरूरी होता है। यह निरीक्षण एक बहु-विषयक टीम करती है, जिसमें परिचालन, मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल और सिग्नलिंग विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। रेलवे बोर्ड ने वर्ष 2026 के लिए निरीक्षण का संशोधित कार्यक्रम भी जारी किया है। उदाहरण के लिए सेंट्रल जोन को जनवरी-फरवरी 2026 और जुलाई-अगस्त 2026 में वेस्ट सेंट्रल जोन में प्रक्रियागत खामियों का ऑडिट करना होगा।
बोर्ड ने जोन को सामान्य निरीक्षण के बजाय प्रक्रियागत खामियों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है। बोर्ड ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि ऑडिट रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सेफ्टी इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम पर अपलोड की जाए और उस पर अनुपालन 30 दिनों के भीतर किया जाए।