भारत की सबसे पुरानी और प्रमुख दवा निर्माता कंपनी सिप्ला के खिलाफ आयकर विभाग ने कार्रवाई की है। आयकर विभाग की ये कार्रवाई कथित कर चोरी के मामले में हुई है। सूत्रों ने इस कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयकर विभाग ने सिप्ला के मुबंई स्थित मुख्यालय पर औचक छापा मारा। इस दौरान विभाग के कर्मचारियों ने कंपनी की बैलेंस शीट और अन्य व्यावसायिक दस्तावेजों की जांच की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी पर डॉक्टरों को अवैध तरीके से भुगतान, IT नियमों को तोड़ मरोड़ कर लाभ लेने सहित कर चोरी के आरोप लगे है। हालांकि कंपनी की ओर से इस छापेमारी को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कंपनी ने पिछले सप्ताह एक नियामक फाइलिंग में बताया था कि अमेरिकी बाजार में मजबूत बिक्री के कारण दिसंबर 2022 को समाप्त तीसरी तिमाही में कंपनी को समेकित शुद्ध लाभ में सात प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। 31 दिसंबर, 2022 को समाप्त तीसरी तिमाही के लिए, कंपनी ने परिचालन से कुल राजस्व 5,810 करोड़ रुपये दर्ज किया, जबकि एक साल पहले की अवधि में यह 5,479 करोड़ रुपये था।
गौरतलब है कि सिप्ला देश की अग्रणी दवा कंपनियों में से एक है। सिप्ला 65 चिकित्सीय श्रेणियों में 50 से अधिक खुराक रूपों में 1,500 से अधिक उत्पाद बनाती हैं।
ईडी ने श्रेई(SREI) के ठिकानों पर मारा छापा
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को SREI की दो कंपनियों श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड और श्रेई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। ईडी के एक अधिकारी ने इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने शहर के अलीपुर इलाके में प्रवर्तकों के एक कार्यालय के अलावा टांगरा, हेस्टिंग्स और आनंदपुर में कथित रूप से कंपनी के अधिकारियों के एक आवास पर छापा मारा।
ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि कोलकाता के कुल नौ स्थानों पर तलाशी ली जा गई। ये कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं और अवैध लेन-देन को लेकर की गई। वहीं, श्रेई के एक प्रवक्ता ने इस पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि यह कोलकाता में ईडी की सामान्य कार्रवाई है।