आनंद महिंद्रा ने जोर देते हुए कहा कि मेरा कहना है कि हमें काम की गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा, न कि काम की मात्रा पर। यह काम के आउटपुट पर निर्भर करता है कि आपको कितने घंटे काम करना है। चाहे 10 घंटे भी हों तो आप क्या आउटपुट दे रहे हैं? आप 10 घंटों में दुनिया बदल सकते हैं।
इस दौरान उन्होंने विदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि कई देशों में चार-दिवसीय कार्य-सप्ताह की व्यवस्था को अपनाया जा रहा है। आनंद महिंद्रा ने आगे कहा कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि किसी भी कंपनी में ऐसे लीडर और लोग होने चाहिए जो बुद्धिमानीपूर्ण निर्णय लें। अच्छे निर्णय लेने के लिए हमें कला और संस्कृति का अध्ययन करना चाहिए, क्योंकि इससे हमारे दिमाग को बेहतर सोचने की क्षमता मिलती है। उन्होंने यह उदाहरण दिया कि यदि हमें ग्राहकों की जरूरतें समझनी हैं तो हमें परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना जरूरी है, ताकि हम जान सकें कि लोग क्या चाहते हैं।
परिवार के साथ समय बिताने पर जोर
इस दौरान उन्होंने घर-परिवार के साथ समय बिताने की भी सलाह दी। आनंद महिंद्रा ने कहा कि आप घर पर समय नहीं बिता रहे हैं, यदि आप दोस्तों के साथ समय नहीं बिता रहे हैं, यदि आप पढ़ नहीं रहे हैं, तो क्या आप निर्णय लेने में सही इनपुट लगा पाएंगे?
'मुझसे मेरे काम की गुणवत्ता के बारे में पूछना चाहिये'
वहीं, जब उनसे पूछा गया कि आप कितने घंटे काम करते हैं? इस पर महिंद्रा ने कहा, 'मैं इससे बचना चाहता हूं। मैं नहीं चाहता कि यह समय के बारे में हो। मैं नहीं चाहता कि यह क्वांटिटी के बारे में हो। मुझसे मेरे काम की गुणवत्ता के बारे में पूछना चाहिये, न कि यह कि मैं कितने घंटे काम करता हूं।
मेरी पत्नी बहुत सुंदर है- महिंद्रा
वहीं, जब आनंद महिंद्रा से यह पूछा गया कि वह एक्स पर कितना समय बिताते हैं। उन्होंने जवाब देते हुए कहा, 'मैं सोशल मीडिया पर एक्स पर हूं, इसलिए नहीं कि मैं अकेलेपन का शिकार हूं। मेरी पत्नी सुंदर है, मुझे उन्हें निहारना पसंद है। मैं उनके साथ अधिक समय बिताता हूं। इसलिए मैं सोशल मीडिया पर दोस्त बनाने के लिए नहीं हूं। मैं यहां इसलिए हूं क्योंकि मैं इसका एक अच्छे व्यावसायिक उपकरण के रूप में उपयोग करता हूं। यहां मुझे लाखों लोगों से फीडबैक मिलता है।'
इन लोगों ने भी दी एसएन सुब्रह्मण्यन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
एसएन सुब्रह्मण्यन की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर जमकर लोगों और सेलेब्रिटी की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आईं। म्यूचुअल फंड एडलवाइस की सीईओ राधिका गुप्ता ने नौकरी के शुरुआती वक्त की परेशानियों को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि मैंने अपनी पहली नौकरी में पहले प्रोजेक्ट पर लगातार चार महीनों तक हर हफ्ते 100 घंटे काम किया। एक दिन की छुट्टी के साथ हर दिन 18 घंटे काम किया। तब मैं 90% समय दुखी रहती थी। मैं ऑफिस के बाथरूम में जाकर रोती थी। एक बार रात में 2 बजे रूम सर्विस से चॉकलेट केक खाया और 2 बार हॉस्पिटल में भी भर्ती हुई। भले ही मैं 100 घंटे काम पर थी, लेकिन मैं प्रोडक्टिव नहीं थी। यही कहानी मेरे साथ ग्रेजुएट होने वाले कई क्लासमेट्स की भी है, जो बैंकिंग और कंसल्टेंसी सहित अन्य काम कर रहे थे।
हर किसी का काम करने का अपना तरीका
ओयो सीईओ रितेश अग्रवाल ने कहा, काम के लिए सही अवधारणा यह है कि आपको पूरे मन से काम करना चाहिए। हर कोई विकसित भारत मिशन के लिए पूरे मन से काम कर रहा है। कुछ लोग दिन में केवल चार घंटे में प्रोडक्टिव हो सकते हैं, जबकि कुछ लोगों को 8 घंटे लग सकते हैं। हर किसी का काम करने का अपना तरीका और रास्ता हो सकता है।
90 घंटे काम की वकालत करने वाले लेते हैं सालाना 51 करोड़
वर्क लाइफ बैलेंस पर एलएंडटी के चेयरमैन एसएनसुब्रमण्यम ने हाल में कहा था कि मेरा बस चले तो मैं कर्मचारियों से 90 घंटे और यहां तक कि रविवार को भी काम कराऊं। घर पर बैठकर पत्नी को निहारने से क्या होगा? सुब्रमण्यम को सालाना 51 करोड़ रुपये का वेतन और अन्य भत्ता मिलता है। उनके बयान के बाद सौशल मीडिया पर इस वेतन को लेकर बहस है कि उनके कर्मचारियों को इसके एवज में क्या मिलता है।
8 घंटे घर रहने पर भी बीवी भाग जाएगी: अदाणी
इससे पहले गौतम अदाणी ने कहा था, आपका वर्क-लाइफ बैलेंस मेरे ऊपर और मेरा आपके ऊपर थोपा नहीं जाना चाहिए। बीवी की इच्छा साथ रहने की चार घंटे की है यदि आप आठ घंटे बिताते हैं, तो बीवी भाग जाएगी। संतुलन जरूरी है।
कर्मचारियों को सप्ताह में 90 घंटे काम करना चाहिए: सुब्रह्मण्यन
सुब्रह्मण्यन ने कहा था कि कर्मचारियों को सप्ताह में 90 घंटे काम करना चाहिए और रविवार को भी छुट्टी नहीं लेनी चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों से पूछा, "आप अपनी पत्नी को कितनी देर तक घूर सकते हैं?" उन्होंने कर्मचारियों से घर पर कम और कार्यालय में ज्यादा समय बिताने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुझे खेद है कि मैं आपको रविवार को काम करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। अगर मैं आपको रविवार को काम करने के लिए बाध्य कर सक सकूं, तो मुझे अधिक खुशी होगी, क्योंकि मैं रविवार को काम करता हूं।" सुब्रह्मण्यन ने आगे सवाल किया कि घर पर रहने के दौरान कर्मचारी क्या करते हैं। उन्होंने पूछा, "आप घर पर बैठकर क्या करते हैं? आप अपनी पत्नी को कितनी देर तक घूर सकते हैं?" तो फिर चलो चलो, दफ्तर आओ और काम करना शुरू करो।