कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर 18 और 19 मार्च 2026 को हुए मिसाइल हमलों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल पैदा कर दी है। कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी कतर एनर्जी ने आधिकारिक बयान में बताया कि इन हमलों से देश की तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) निर्यात क्षमता में करीब 17 प्रतिशत की कमी आई है।
कंपनी के अनुसार, हमलों में प्रमुख उत्पादन सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे सालाना लगभग 20 अरब डॉलर के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। मरम्मत कार्य में तीन से पांच साल तक का समय लग सकता है। इस स्थिति को देखते हुए कंपनी को कुछ दीर्घकालिक एलएनजी अनुबंधों पर फोर्स मेज्योर घोषित करना पड़ सकता है।
अल-काबी ने कहा कि इन सुविधाओं को पूरी तरह ठीक करने में तीन से पांच साल लग सकते हैं और इस दौरान कुछ दीर्घकालिक एलएनजी आपूर्ति अनुबंधों पर पांच साल तक के लिए फोर्स मेज्योर लागू करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस आपूर्ति व्यवधान का असर चीन, दक्षिण कोरिया, इटली और बेल्जियम जैसे देशों पर भी पड़ेगा।
हमलों में पर्ल GTL (गैस-टू-लिक्विड्स) परियोजना भी प्रभावित हुई है, जिसे शेल संचालित करता है। यह संयंत्र प्राकृतिक गैस को उच्च गुणवत्ता वाले स्वच्छ ईंधन, बेस ऑयल, पैराफिन और वैक्स में बदलता है। इस परियोजना की दो यूनिट्स में से एक को नुकसान पहुंचा है और इसके कम से कम एक साल तक बंद रहने की आशंका है।