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West Asia Tension: ईरानी हमले के बाद कतर ने भारत को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति रोकी; 40 फीसदी की कटौती

Tue, 03 Mar 2026 09:45 PM IST
Nirmal Kant बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।

सार

अमेरिका-इस्राइल-ईरान युद्ध के चलते खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है और कतर ने एलएनजी आपूर्ति में 40 प्रतिशत तक कटौती कर दी है। ईरानी हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा के कारण कतर ने फोर्स मेज्योर घोषित किया। पढ़िए रिपोर्ट-

 
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कच्चा तेल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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अमेरिका-इस्राइल की ईरान के साथ जारी जंग का असर अब भारत समेत दुनिया के अन्य देशों पर दिखने लगा है। खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए जा रहे ईरान के जवाबी हमलों को देखते हुए कतर ने भारत को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में 40 प्रतिशत कटौती का फैसला किया है।
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भारत को प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा सप्लायर कतर ने ईरानी ड्रोन हमले के बाद उत्पादन रुकने के कारण एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) की आपूर्ति पर फोर्स मेज्योर (अपरिहार्य परिस्थिति) घोषित कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, इस बाधा के चलते भारतीय उद्योगों को मिलने वाली गैस आपूर्ति में 10 से 40 प्रतिशत तक कटौती की गई है। कतर हर साल भारत की ओर से आयात की जाने वाली करीब 2.7 करोड़ टन एलएनजी में से लगभग 40 प्रतिशत सप्लाई करता है। यह गैस बिजली उत्पादन, उर्वरक निर्माण, सीएनजी और पीएनजी (पाइप वाली रसोई गैस) जैसी सेवाओं में उपयोग होती है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर
सूत्रों के मुताबिक, गैस आयातक पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड ने गैस मार्केटिंग कंपनियों को सूचित किया है कि ईरान की ओर से खाड़ी देशों पर हमले जारी रहने के कारण कतर में एलएनजी उत्पादन ठप हो गया है। इन हमलों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और एलएनजी की ढुलाई लगभग रुक गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेजी आई है और बीमा व शिपिंग लागत भी बढ़ गई है। ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को नियंत्रित करता है, जहां से भारत के लगभग 50 प्रतिशत कच्चे तेल और 54 प्रतिशत एलएनजी आयात गुजरते हैं।
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85 लाख टन एलएनजी खरीदने का अनुबंध
पेट्रोनेट के पास कतर से सालाना 85 लाख टन एलएनजी खरीदने का दीर्घकालिक अनुबंध है। इसके अलावा, वह हाजिर बाजार से भी कतर की एलएनजी खरीदती है। पेट्रोनेट के अलावा, आईओसी जैसी कंपनियों के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ भी एलएनजी आयात अनुबंध हैं।
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घरेलू सप्लाई में कटौती
पेट्रोनेट ने अपने ग्राहकों गेल इंडिया लिमिटेड और इंडियन ऑयल कार्पोरेशन को सप्लाई रुकने की जानकारी दी है। इसके बाद उद्योगों को गैस आपूर्ति घटाई गई है, जबकि सीएनजी रिटेलिंग की आपूर्ति सामान्य रखी गई है। भारत अब स्पॉट मार्केट से गैस खरीदने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वहां कीमतें बढ़कर 25 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू पहुंच गई हैं, जो दीर्घकालिक अनुबंध दरों से लगभग दोगुनी है।




  
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