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नकल करने में माहिर चीन ने बनाए हैं ये उत्पाद

Sat, 19 Oct 2019 01:04 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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सांकेतिक तस्वीर
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चीन के बारे में एक खास बात जो दुनियाभर में मशहूर है कि वह ‘नकलची’ बहुत बढ़िया है। चीन को रिवर्स इंजीनियरिंग में महारत हासिल है। आईफोन की कॉपी से लेकर विदेशी सैन्य हथियारों की कापी करने में चीन का कोई जवाब नहीं है। इतना ही नहीं, चान नकली सूरज बनाने की भी तैयारी कर रहा है, जो असली सूरज से भी ज्यादा गर्म होगा। आइए जानते हैं चीन ने किन उत्पादों की कॉपी की है।

चीन ने बनाया नकली आईफोन

एपल के आईफोन की कीमत इतनी ज्यादा है कि उसे खरीदना हर किसी के लिए संभव नहीं है। लेकिन चीन ने एपल का नकली आईफोन बना रखा है, जो हूबहू असली आईफोन की तरह दिखता है। इसकी कीमत असली आईफोन से काफी कम है। चीन की एक कंपनी Goophone ने हूबहू आईफोन एक्स, एक्स-आर और एक्स एस जैसे दिखने वाले फोन तैयार किए हैं। Goophone की वेबसाइट पर आपको इसकी अन्य जानकारी भी मिल जाएगी। खास बात ये है कि असली आईफोन और चीन के नकसी आईफोन के बीच अंतर ढूंढना बेहद कठिन कार्य है। हो सकता है कि आप असली आईफोन लेने जाएं और आपको उसका क्लोन दे दिया जाए। इसलिए इसलिए हमेशा अच्छे से जांच करने के बाद ही आईफोन खरीदें। 

ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर

चीन ने अमेरिकी के प्रसिद्ध सीकोरस्काई यूएच-60 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर का क्लोन तैयार किया है। चीनी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर का नाम हार्बिन Z-20 है और चीनी सेना को सौंप दिया गया है। इस हेलीकॉप्टर को दुनिया का सबसे बेहतरीन मीडियम लिफ्ट यूटिलिटी कॉप्टर बताया जा रहा है। ट्विन इंजन वाले Z-20 हेलीकॉप्टर को एविएशन इंडस्ट्री कॉर्प ऑफ चाइना ने बनाया है। इसकी खासियत है कि मुश्किल मौसमी हालातों में भी उड़ सकता है।

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नकली सूर्य बनाने में लगा चीन

पहले चीन ने 2020 तक नकली चांद आसमान में चमकाने का दावा किया था। इसके बाद चीन के वैज्ञानिक नकली सूर्य बनाने में लगे है। खास बात तो यह है कि चीन का यह नकली सूर्य असली सूरज से छह गुना ज्यादा गर्म होगा। चीन के वैज्ञानिकों ने स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए कृत्रिम सूरज बनाने की तैयारी के बारे में बताया है। कहा जा रहा है कि यह कृत्रिम सूरज असली सूरज की अपेक्षा लगभग छह गुना ज्यादा गर्म होगा। असली सूरज का कोर 1.50 करोड़ डिग्री सेल्सियस तक गरम होता है। वहीं चीन का यह नया सूरज 10 करोड़ डिग्री सेल्सियस से ज्यादा की गर्मी पैदा कर सकेगा। चीन के इंस्टिट्यूट ऑफ फिजिकल साइंस के वैज्ञानिकों के मुताबिक ये आर्टिफिशियल सूरज की टेस्टिंग जारी है। इसे द एक्सपेरिमेंटल एडवांस सुपरकंडक्टिंग टोकामाक (ईस्ट) नाम दिया गया है। कृत्रिम सूरज को न्यूक्लियर फ्यूजन के जरिए पैदा किया जाएगा। यह सौर मंडल के मध्य में स्थित किसी तारे की तरह ही ऊर्जा का भंडार उपलब्ध कराएगा। 

अमेरिकी ड्रोन की नकल

चीन की कंपनी स्टार यूएवी सिस्टम ने स्टार शेडो के नाम से एक ड्रोन डेवलप किया है, जो अमेरिका के मौजूदा X-47B का क्लोन है। चीन ने पहले इस ड्रोन के फोटो और डिजाइन हासिल किया और बाद में ईरान में एक दुर्घटनाग्रस्त ड्रोन को हिसाल करके इसकी टेक्नोलॉजी भी बना ली।

चीनी कंपनी ने बनाई जैवलिन एंटी टैंक मिसाइल

2014 में चीन ने खुलासा किया था कि उसने HJ-12 एंटी टैंक मिसाइल का निर्माण कर लिया है, जो 3.2 किमी दूर से ही टैंक को निशाना बना सकती है। चीनी के अखबार चाइना डेली ने दावा किया था कि यह मिसाइल मौजूदा पीढ़ी की टैंकों जिनमें अमेरिका का एम1 अब्राहम, रूस का टी-90, जापान का टाइप 90 क्यू मारू शामिल है। इसे चीन की कंपनी NORINCO ने बनाया है।
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MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन - फोटो : सोशल मीडिया

MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन

अमेरिका ने लगभग 25 साल पहले 1994 में इस प्रकार के ड्रोन को विकसित करने का प्रोग्राम शुरू किया था। 2011 में इसकी लागत 238 करोड़ डॉलर करोड़ तक पहुंच चुकी थी। इस ड्रोन को अमेरिकी कंपनी जनरल एटोमिक्स ने तैयार किया था और इसे अमेरिकन रिमोट पायलेटेड एयरक्राफ्ट भी कहा जाता है। वहीं अब इसका एडवांस वर्जन MQ-9 आ चुका है जिसे अमेरिकी सेना में पिछले साल ही शामिल किया गया था। चाइना एरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कारपोरेशन के तहत आने वाली चाइना अकादमी ऑफ एरोस्पेस एरोडायनेमिक्स कंपनी ने काय होंग-4 (CH-4) या रैनबो-4 ड्रोन बनाया है, जो अमेरिकी MQ-1 प्रीडेटर की कॉपी है। 

अमेरिकी लड़ाकू जहाज भी किया कॉपी

अमेरिका की एफ-16 लड़ाकू जहाज बनाने वाली कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने F-22A रैप्टर फाइटर बनाया था, जिसकी गिनती दुनिया के अत्याधुनिक लड़ाकू जहाजों में होती है। जुलाई 2014 के आखिर में चीन की चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन चेंगदू जे-20 लड़ाकू विमान का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। इस जहाज की डिजाइनिंग एफ-22 रैप्टर और अमेरिकी नेवी में इस्तेमाल होने वाले एफ-35 स्टाइक फाइटर प्लेन से मिलती-जुलती है।
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