बजट से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित चार केंद्रीय मंत्रियों व नीति आयोग के उपाध्यक्ष और सीईओ ने देश के जाने-माने अर्थशास्त्रियों व विशेषज्ञों से मुलाकात की। इस बैठक में अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती को दूर करने को लेकर के मंथन हुआ। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री बजट से पहले उद्योगपतियों और संगठनों के अधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं।
नीति आयोग से मिली सूचना के मुताबिक करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को जो पांच ट्रिलियन तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है, उसका विचार अचानक नहीं आया। इस बारे में पहले गहन विचार विमर्श किया गया और अर्थव्यवस्था की ताकत के बारे में आकलन किया गया। तब जाकर यह लक्ष्य तय हुआ है। उन्होंने सुस्ती की ओर संकेत करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवव्स्था में इस तरह के दिक्कतों को झेलने की ताकत है।
अर्थव्यवस्था का बुनियादी ढांचा कुछ ऐसा है कि कुछ ही अवधि में फिर से विकास पथ पर आरूढ़ हो जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ क्षेत्र जैसे पर्यटन, शहरी विकास, ढांचागत संरचना, कृषि उत्पादों पर आधारित उद्योग आदि में बड़ी संख्या में रोजगार देने की क्षमता है।
सरकार 2020-21 के लिए बजट प्रस्ताव तैयार करने में जुटी है। ऐसे में यह बैठक अहम है। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश के शीर्ष उद्योगपतियों के साथ अर्थव्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की थी। समझा जाता है कि बैठक में अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने तथा रोजगार सृजन बढ़ाने के उपायों पर विचार विमर्श किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को अपना दूसरा आम बजट पेश करेंगी जिसमें देश की आर्थिक वृद्धि को फिर से पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती होगी।