फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

RBI: 'आर्थिक स्थिरता के लिए आरबीआई और सरकार के बीच स्थायी साझेदारी जरूरी', मुंबई में बोलीं राष्ट्रपति

Tue, 01 Apr 2025 08:04 PM IST
नविता स्वरूप बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

RBI: भारतीय रिजर्व बैंक की 90वीं वर्षगांठ के समापन समारोह में बोलते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुरक्षित बैंकिंग वातावरण को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए सक्रिय कदम उठाने के लिए आरबीआई की सराहना की है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
विज्ञापन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा। - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रौद्योगिकी की प्रगति के कारण वित्तीय धोखाधड़ी का जोखिम बढ़ रहा है। ऐसे में व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए केंद्रीय बैंक और सरकार के बीच स्थायी साझेदारी की जरूरत है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को आरबीआई के कार्यक्रम में यह बात कही। 

विज्ञापन


भारतीय रिजर्व बैंक की 90वीं वर्षगांठ के समापन समारोह में बोलते हुए मुर्मू ने सुरक्षित बैंकिंग वातावरण को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए सक्रिय कदम उठाने के लिए आरबीआई की सराहना की। उन्होंने कहा, "प्रौद्योगिकी की तीव्र प्रगति के साथ, वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर खतरों का जोखिम भी बढ़ रहा है।" उन्होंने कहा कि यह एक बढ़ती हुई चिंता है जिस पर निरंतर निगरानी की आवश्यकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि आरबीआई की पिछले 90 वर्षों की "उल्लेखनीय यात्रा" सरकार की दूरदर्शिता और नीतियों के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ी हुई है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि बदलली आर्थिक स्थिति में पहुंच का विस्तार, दक्षता में सुधार और लचीलेपन को मजबूत करने के लिए बैंक लगातार काम कर रहा है। 

रिजर्व बैंक सभी चुनौतियों सामना करने केलिए तैयार: संजय मल्होत्रा

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 1 अप्रैल को केंद्रीय बैंक की 90वीं वर्षगांठ समारोह में अपने स्वागत भाषण में बोलते हुए कहा, 'रिजर्व बैंक सभी चुनौतियों सामना करने और अनिश्चितताओं के बीच भविष्य के लिए सहासिक रास्ता तैयार करने के साथ ही सभी अवसरों का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।" 

विज्ञापन


इस अवसर पर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवन फडणवीस और आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा उपस्थित रहे।

उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक की भूमिका पहले से कही अधिक विस्तारित हो गई है। आज हम परंपरा और परिवर्तन के संगम पर खड़े हैं, जहां मूल्य में स्थिरता, वित्तीय स्थिरता और आर्थिक विकास की अनिवार्यताएं नई तकनीकी प्रगति और वैश्विक अनिश्चितताओं, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और बढ़ती सार्वजनिक अपेक्षाओं के साथ जोड़ती हैं।  

वित्तीय समावेशन को बढ़ाने के लिए आरबीआई प्रतिबद्ध: गवर्नर

वित्तीय समावेश को बढ़ाने और उसे मजबूत करन के लिए हम प्रतिबद्ध है, जबकि यह वित्तीय स्थिरता और दक्षता का संतुलित करता है। उन्होंने कहा कि ग्राहक सेवाओं में लगातार सुधार और ग्राहक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों पर लगातार प्रयास करते रहेंग।  वित्तीय स्थिरता और दक्षता के हितों को संतुलित करके हमारे नियामक ढांचे को अनुकूलित करने का हमारा प्रयास होगा और हम प्रौद्योगिकी और नवाचार का समर्थन करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि अगला दशक भारतीय अर्थव्यवस्था के वित्तीय ढांचे के लिए महत्वपूर्ण होगा।

वित्तीय समावेशन के लिए 551 मिलयिन से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं। आरबीआई के वित्तीय समावेशन सूचकांक के अनुसार देश में वित्तीय समावेशन की सीमा मार्च 2024 में 64.2 रही जो मार्च में 60.1 और 2017 में 43.4 थी। यह सूचकांक तीन उप सूचकांक पर आधारित है। पहुंच, गुणवत्ता और उपयोग। गवर्नर कहा कि आरबीआई हर विनियमन के लाभ और लागत के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करता रहा है।

मल्होत्रा ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने पिछले एक साल में अपनी वर्षगांठ मनाने के लिए उभरती हुई प्रौद्योगिकियों और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे जैसे कई विषयों पर कई उच्चस्तरीय कार्यक्रम शुरू किए है। उन्होंने कहा, 'हमने अपने अतीत का जश्न मनाया और भविष्य के लिए अपनी जिम्मेदारियों को फिर से पहचाना है।'

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें