देश के सबसे प्रतिष्ठित कॉरपोरेट घरानों में से एक, टाटा समूह की मुख्य होल्डिंग कंपनी को नियंत्रित करने वाले 'सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट' में शीर्ष स्तर एक और बड़ा बदलाव होने की खबर है। दिग्गज बैंकर और ट्रस्टी प्रमित झवेरी ने अपने पद से हटने का फैसला किया है। झवेरी का मौजूदा कार्यकाल 11 फरवरी, 2026 को समाप्त हो रहा है। अब उन्होंने साफ कर दिया है कि अब वे इस पद पर फिर से नियुक्त नहीं होना चाहते।
यह पत्र सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के अन्य ट्रस्टियों और टाटा ट्रस्ट्स के सीईओ सिद्धार्थ शर्मा को भी भेजा गया है।
रतन टाटा लेकर आए थे बोर्ड में
प्रमित झवेरी का टाटा ट्रस्ट्स के साथ जुड़ाव 2020 में शुरू हुआ था। उन्हें स्वर्गीय रतन एन. टाटा ने बोर्ड में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था।
क्यों अहम है यह खबर?
प्रमित झवेरी का जाना टाटा ट्रस्ट्स के बोर्ड में एक दौर का अंत है, जिसकी शुरुआत रतन टाटा के समय में हुई थी। अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट में रिक्त हो रहे इस महत्वपूर्ण पद पर अगला नाम किसका होगा, क्योंकि टाटा समूह में लीडरशिप ट्रांजिशन का दौर जारी है।