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अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर: सितंबर में विनिर्माण PMI साढ़े आठ साल के उच्च स्तर पर

Thu, 01 Oct 2020 02:52 PM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
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विनिर्माण क्षेत्र - फोटो : pixabay
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देश में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में सितंबर में लगातार दूसरे महीने सुधार हुआ है। एक मासिक सर्वे के अनुसार नए ऑर्डरों और उत्पादन में बढ़ोतरी से सितंबर में विनिर्माण गतिविधियां करीब साढ़े आठ साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। आईएचएस मार्किट इंडिया का विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) सितंबर में बढ़कर 56.8 पर पहुंच गया। अगस्त में यह 52 पर था। जनवरी, 2012 के बाद यह पीएमआई का सबसे ऊंचा स्तर है। 

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सही दिशा में बढ़ रही हैं विनिर्माण गतिविधियां 
आईएचएस मार्किट की आर्थिक एसोसिएट निदेशक पोलीअन्ना डे लीमा ने कहा कि, 'भारत की विनिर्माण गतिविधियां सही दिशा में बढ़ रही हैं। सितंबर के पीएमआई आंकड़ों में कई सकारात्मक चीजें हैं। कोविड-19 अंकुशों में ढील के बाद कारखाने पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं और उन्हें नए ऑर्डर मिल रहे हैं।' 

अप्रैल में विनिर्माण पीएमआई नकारात्मक दायरे में चला गया था। इससे पिछले लगातार 32 माह तक यह सकारात्मक रहा था। पीएमआई के 50 से ऊपर रहने का अर्थ है कि गतिविधियों में विस्तार हो रहा है, जबकि 50 से कम संकुचन को दर्शाता है। 
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लगातार छठे महीने घटा रोजगार 
लीमा ने कहा कि, 'कुल बिक्री को नए निर्यात ऑर्डरों से भी समर्थन मिला है। कोविड-19 महामारी फैलने के बाद पहली बार यह स्थिति बनी है। लगातार छह महीने तक गिरावट के बाद निर्यात भी सुधरा है।' सर्वे में कहा गया है कि ऑर्डरों में सुधार के बावजूद भारत में उत्पादकों ने अपने कर्मचारियों की संख्या में एक और कटौती का संकेत दिया है। कई मामलों में सामाजिक दूरी दिशानिर्देशों के अनुपालन के लिए ऐसा किया जा रहा है। यह लगातार छठा महीना है जबकि रोजगार घटा है। 

आगे लीमा ने कहा कि, 'जो एक क्षेत्र अभी चिंता पैदा करता है, वह है रोजगार। कुछ कंपनियों को कर्मचारियों की नियुक्ति में दिक्कतें आ रही हैं, जबकि कुछ अन्य का कहना है कि सामाजिक दूरी के अनुपालन के लिए उन्होंने अपने कर्मचारियों की संख्या को न्यूनतम किया है।' सर्वे में कहा गया है कि अगले 12 माह के दौरान लगभग 33 फीसदी विनिर्माताओं को उत्पादन में बढ़ोतरी की उम्मीद है। वहीं आठ फीसदी का मानना है कि उत्पादन में कमी आएगी।

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