फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budget 2025: बजट 2025 की घोषणाओं से FY26 में वृद्धि दर पहुंच सकती है 7% तक, एसबीआई एमएफ की रिपोर्ट में दावा

Fri, 10 Jan 2025 01:41 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Budget 2025: आगामी केंद्रीय बजट 2025 में सरकार का नीतिगत समर्थन भारत की आर्थिक वृद्धि को वित्त वर्ष 26 में लगभग 7 प्रतिशत तक बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वित्त वर्ष 25 में जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हालांकि, नए वित्तीय वर्ष के लिए सरकार के नीतिगत एलान से विकास दर को बढ़ावा मिल सकता है। एबीआई म्यूचुअल फड की रिपोर्ट में इस बारे में क्या कहा गया है, आइए जानें।
विज्ञापन
बजट 2025 - फोटो : amarujala.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगामी केंद्रीय बजट 2025 में सरकार का नीतिगत समर्थन भारत की आर्थिक वृद्धि को वित्त वर्ष 26 में लगभग 7 प्रतिशत तक बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वित्त वर्ष 25 में जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। एसबीआई म्यूचुअल फंड की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में राजस्व व्यय बढ़ाने और आयकर नीतियों में सकारात्मक बदलाव लाने के उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया गया। 

भारत मांग में कमी की चुनौती का कर रहा सामना

रिपोर्ट के अनुसार, भारत वर्तमान में मांग में कमी की चुनौती का सामना कर रहा है, भले ही आपूर्ति पक्ष मजबूत है। बैंक ऋण देने के लिए तैयार हैं, और निगम अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं, लेकिन मांग को पर्याप्त बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है, "चुनौती यह है कि भारत आपूर्ति पक्ष के लिए तैयार है जहां बैंक ऋण दे सकते हैं और कॉर्पोरेट लाभ उठा सकते हैं लेकिन पर्याप्त मांग जोर नहीं दे पा रहा है। नीतिगत समर्थन भारत की वृद्धि को वित्त वर्ष 25 में अपेक्षित 6.3 प्रतिशत से वित्त वर्ष 26 में 7 प्रतिशत तक का सुधार करने में मदद कर सकता है"।

देश की मौद्रिक नीति में महंगाई कम करने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने पर जोर

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले दो वर्षों में, भारत की राजकोषीय नीति ने मुख्य रूप से समेकन और कर उछाल पर ध्यान दिया है। मौद्रिक नीति महंगाई को नियंत्रित करने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए तैयार की गई है। बजट में "नीतिगत समर्थन" का अर्थ विशेष रूप से नई या मौजूदा सरकारी नीतियों के कार्यान्वयन को सुविधाजनक बनाने के लिए डिजाइन किए गए फंडों को आवंटित करना। इसमें अक्सर किसी विशेष क्षेत्र या फोकस के क्षेत्र में वांछित परिणामों को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता या प्रोत्साहन शामिल होते हैं।

आगामी बजट में विकास को बढ़ावा देने वाले उपायों पर रह सकता है जोर

रिपोर्ट ने सुझाव दिया कि वित्त वर्ष 26 में, राजकोषीय और मौद्रिक दोनों नीतियां अपना ध्यान विकास की ओर स्थानांतरित कर सकती हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) विकास को बढ़ावा देने वाले उपायों और तरलता का समर्थन करने पर विचार कर सकता है। ऋण वृद्धि में मंदी और जमा वृद्धि में सुस्ती को देखते हुए एक आंशिक दर-कटौती चक्र भी एक संभावना है। राजकोषीय पक्ष पर, सरकार राजकोषीय समेकन की गति को धीमा कर सकती है। वित्त वर्ष 24 और वित्त वर्ष 25 में देखी गई 80-90 आधार अंकों की कटौती के बजाय राजकोषीय घाटे में 20-30 आधार अंकों की कमी पर ध्यान दिया जा सकता है।

निर्यात से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करने की जरूरत

रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक व्यापार के मोर्चे पर, दृष्टिकोण स्थिर है। भारत ने चुनिंदा क्षेत्रों में बाजार हिस्सेदारी हासिल की है, लेकिन 2021 और 2022 की तेजी अवधि के विपरीत, निकट भविष्य में निर्यात में तेजी की संभावना कम है। रिपोर्ट में इन चुनौतियों का समाधान करने और भारत की अर्थव्यवस्था को निरंतर विकास की ओर ले जाने के लिए आगामी बजट में नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता पर बल दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें