भारत के एविएशन बाजार की सबसे दिग्गज कंपनी इंडिगो बीते कुछ दिनों से संकट में है। इस संकट के लिए वह खुद जिम्मेदार है या हालात ने ये समीकरण बनाए हैं इसका पता तो सरकार की ओर से शुरू की गई जांच के बाद ही पता चलेगा। फिलहाल सरकार ने इस प्रकरण से जुड़े कुछ आंकड़े संसद में पेश किए हैं। इंडिगो के लिए पिछले दो हफ्ते किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे। परिचालन से जुड़ी परेशानियों और लगातार रद्द हो रही उड़ानों के कारण यह संकट अब वित्तीय और साख दोनों ही तरह के नुकसान का कारण बन रहा।
इस बीच, इंडिगो ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर बताया कि 3 दिसंबर 2025 और 15 दिसंबर 2025 के बीच रद्द की गई उड़ानों के लिए रिफंड की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। एयरलाइन ने यात्रियों से कहा, "अगर इस व्यवधान के कारण आपकी योजनाएं बदल गई हैं, तो हम 15 दिसंबर 2025 तक की यात्रा के लिए मान्य सभी बुकिंग के लिए बदलाव और कैंसिलेशन के अनुरोधों पर पूरी छूट भी दे रहे हैं।" इंडिगो ने कहा है कि यात्री https://bit.ly/4iGWxU9 पर जाकर और आसान चरणों का पालन करके रिफंड हासिल कर सकते हैं।
सरकार की ओर से संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक, 21 नवंबर से 7 दिसंबर 2025 के बीच एयरलाइन को करीब 800 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड यात्रियों को चुकाना पड़ा है। यह आंकड़ा इतना बड़ा है कि इससे इंडिगो की बैलेंस शीट पर दबाव पड़ना तय है। मंत्रालय की ओर से दिए गए आंकड़ों में सबसे चौंकाने वाला पहलू कैंसिलेशन का वॉल्यूम और रिफंड की राशि है। इसके अनुसार, 17 दिनों में एयरलाइन को करीब 827 करोड़ रुपये का रिफंड देना पड़ा है।
सरकार ने बताया कि उक्त अवधि में इस अवधि में कुल 9,55,591 PNR (पैसेंजर नेम रिकॉर्ड) कैंसिल किए गए और रिफंड प्रोसेस किया गया। इसका कुल मूल्य 827 करोड़ रुपये है। ध्यान रहे कि एक पीएनआर में एक से अधिक यात्री भी हो सकते हैं, इसलिए प्रभावित यात्रियों की संख्या 9.5 लाख से कहीं अधिक हो सकती है। सरकार ने बताया कि दिसंबर शुरू होते ही संकट गहरा गया। दिसंबर के पहले हफ्ते में महज सात दिनों के भीतर 5,86,705 पीएनआर कैंसिल हुए, जिसके लिए एयरलाइन को 569.65 करोड़ रुपये वापस करने पड़े। कुल रिफंड का लगभग 69% हिस्सा केवल दिसंबर के पहले हफ्ते के दौरान यात्रियों की दिक्कतों के लिए ही चुकाया गया।
उड़ानों के रद्द होने से ज्यादा यात्रियों को परेशानी उनके खोए हुए सामान (बैगेज) ने किया। सरकार ने सदन को सूचित किया कि इस अव्यवस्था के दौरान कुल 9,000 बैग अपने मालिकों तक नहीं पहुंच पाए थे। अब तक 4,500 बैग (कुल का 50%) ग्राहकों को वापस वितरित किए जा चुके हैं। मंत्रालय और एयरलाइन ने शेष बचे बैगों को वितरित करने के लिए अगले 36 घंटों का लक्ष्य रखा है। यह समयसीमा एयरलाइन के ग्राउंड स्टाफ के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।