अक्तूबर माह में देश का औद्योगिक उत्पादन 2.5 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनियों को नए ऑर्डर नहीं मिले, जिसके चलते फैक्ट्रियों में सुस्ती छाई रही। आईएचएस मार्किट इंडिया के द्वारा जारी किए गए औद्योगिक पीएमआई डाटा में यह बात सामने आई है।
इस डाटा को तैयार करने के लिए चार सौ कंपनियों में सर्वे किया गया था। इन कंपनियों को आठ कैटेगिरी में बांटा गया, जिनमें बेसिक मेटल, केमिकल्स एंड प्लास्टिक, इलेक्ट्रीकल एंड ऑप्टिकल, फूड एंड ड्रिंक, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल एंड क्लॉथिंग, टिंबर व पेपर और ट्रांसपोर्ट शामिल था। रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2017 से लगातार उत्पादन में कमी देखने को मिल रही है।
अगस्त माह में जहां कोर सेक्टर में 0.5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। वहीं सितंबर में यह घटकर के 5.2 फीसदी हो गया। कोयला उत्पादन में 20.5 फीसदी की गिरावट के चलते यह देखने को मिला है। पिछले साल कोर सेक्टर में उत्पादन 4.3 फीसदी था। अगर सभी आठ कोर सेक्टर की बात करें तो फिर यह दूसरी तिमाही में करीब 1.3 फीसदी रहा है।
कोर सेक्टर में मुख्यतः आठ इंडस्ट्री शामिल होती हैं। यह हैं कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, स्टील, सीमेंट, बिजली, फर्टिलाइजर और रिफाइनरी उत्पाद। आईआईपी की गणना में इनका योगदान करीब 40.27 फीसदी रहता है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2019 में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, सीमेंट, रिफाइनरी उत्पाद, स्टील, फर्टिलाइजर और बिजली क्षेत्र में क्रमश: 20.5 फीसदी, 5.4 फीसदी, 4.9 फीसदी, 2.1 फीसदी, 6.7 फीसदी, 0.3 फीसदी, 5.4 फीसदी और 3.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी है।