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PMC बैंक घोटालाः पुलिस ने किया बैंक के पूर्व निदेशक को गिरफ्तार

Wed, 16 Oct 2019 08:28 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : PTI
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पीएमसी बैंक घोटाले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की विशेष जांच टीम ने बुधवार को पीएमसी बैंक के पूर्व निदेशक सुरजीत सिंह अरोड़ा से घोटाले के सिलसिले में पूछताछ करने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इस घोटाले में यह पांचवी बड़ी गिरफ्तारी है। इससे पहले पुलिस बैंक के पूर्व चेयरमैन वारयाम सिंह, प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस और एचडीआईएल के मालिक राकेश व सारंग वाधवन को गिरफ्तार किया था।  

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अधिकारियों ने बताया कि अरोड़ा बैंक के निदेशक के अलावा लोन समिति के भी प्रमुख रहे हैं। हम उनसे बैंक की लोन वितरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी हासिल करना चाहते हैं। इसी को लेकर उनसे आज पूछताछ की गई थी।

मुंबई की एक अदालत ने पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक घोटाले में बुधवार को हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक राकेश वाधवन और उनके बेटे सारंग के अलावा बैंक के पूर्व चेयरमैन वरयाम सिंह को 23 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अदालती कार्यवाही के दौरान पीएमसी बैंक के कई खाताधारकों ने कोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया और अपना पैसा जल्द से जल्द वापस दिलाने की मांग की।
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पीएमसी बैंक मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को महानगर मजिस्ट्रेट एसजी शेख के समक्ष पेश किया। बुधवार को तीनों की पुलिस हिरासत खत्म हो रही थी। इसके बाद अदालत ने तीनों को 23 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पीएमसी बैंक में 4,355 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने के आरोप में वाधवन और उनके बेटे को 3 अक्तूबर और वरयाम सिंह को 5 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया था। 

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने इस महीने की शुरुआत में वाधवन और पीएमसी बैंक के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसी सिलसिले में सोमवार को ईओडब्ल्यू ने पीएमसी बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस को गिरफ्तार किया था। थॉमस की पुलिस हिरासत अवधि 17 अक्तूबर को समाप्त हो रही है। बृहस्पतिवार को थॉमस को भी अदालत में पेश किया जा सकता है।

आरबीआई ने लगा रखे हैं प्रतिबंध

पीएमसी बैंक में घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंक पर कई प्रतिबंध लगा रखे हैं। इसके तहत बैंक से छह महीने की अवधि में 40 हजार रुपये तक ही धन निकाले जाने की सीमा निर्धारित किए जाने के बाद से करीब 15 लाख ग्राहक परेशान हैं। पहले यह सीमा एक हजार रुपयेे थी, जिसे बढ़ाकर 40 हजार रुपये कर दी गई। बताते चलें कि पिछले 48 घंटों में तीन खाताधारकों की मौत हो चुकी है। इनमें दो खाताधारकों की हार्ट अटैक जबकि 39 साल की एक महिला ने डॉक्टर ने मंगलवार को आत्महत्या कर ली थी।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 18 को

पीएमसी बैंक में पैसे निकालने पर लगी रोक का मामला अब सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक पहुंच गया है। इस रोक के चलते बैंक के लाखों ग्राहक प्रभावित हुए हैं, जिनके पैसे बैंक में फंसे हुए हैं। शीर्ष अदालत घोटाले में घिरी पीएमसी बैंक के ग्राहकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के उपायों के लिए दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए तैयार हो गई है। 18 अक्तूबर को मामले की सुनवाई होगी। दिल्ली के रहने वाले बीके मिश्रा ने यह याचिका दायर की है।

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि कुछ लोगों की कारगुजारियों की वजह से नागरिकों का धन फंस जाने जैसे वित्तीय संकट उत्पन्न होने की स्थिति में बैंक और जमा राशियों की सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएं। याचिका में 15 लाख खाताधारकों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए उनके लिए 100 प्रतिशत इंश्योरेंस कवर की मांग की गई है। बुधवार को जस्टिस एनवी रमण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने कहा कि इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। 

आरबीआई की रोक हटाने की मांग

याचिका में कहा गया कि सहकारी बैंकों में आम जनता का विश्वास बहाल करने के लिए सारी सहकारी बैंकों की कार्यशैली और उनके संचालन की जांच के लिए उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित की जाए। इसके अलावा पीएमसी बैंक में जमा धनराशि की निकासी के लिए सीमा निर्धारित करने के आरबीआई की अधिसूचनाओं को निरस्त करने का भी अनुरोध किया गया है।

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