उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना से देश में उत्पादन बढ़ाने के साथ रोजगार पैदा करने और निर्यात बढ़ाने में मदद मिली है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव राजेश कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया, इस योजना की वजह से 2021-22 में विनिर्माण क्षेत्र में 76 फीसदी ज्यादा यानी 21.34 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया।
सचिव ने बताया, योजना के तहत 14 क्षेत्रों से अब तक 733 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। इनसे 3.65 लाख करोड़ के निवेश की उम्मीद है। मार्च, 2023 तक वास्तव में 62,500 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है, जिससे 6.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उत्पादन/बिक्री हुई है। खास बात है कि करीब 3.25 लाख रोजगार पैदा हुए हैं।
कारगर नहीं होने पर बदलाव की गुंजाइश
डीपीआईआईटी सचिव ने कहा कि पीएलआई योजना के कारगर साबित नहीं होने पर संबंधित विभाग उसमें कुछ बदलाव कर सकते हैं। साथ ही, संबंधित मंत्रालयों को इस पर नजर रखनी होगी कि योजना के तहत आवंटन कम है या लाभार्थी कंपनी अपना प्रदर्शन कायम नहीं रख पा रही हैं। ऐसा होने पर ही संबंधित विभाग कुछ समय के लिए छूट देने पर विचार कर सकते हैं।
चीन की कुछ कंपनियों ने भी किया आवेदन
चीन की कुछ कंपनियों ने पीएलआई योजना के लिए आवेदन किया है। इनमें ज्यादातर कंपनियां ताइवान से आ रही हैं। हालांकि, इन्हें सरकार से अब तक मंजूरी नहीं मिली है। एक सरकारी अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।