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बेजोस ने 2025 तक दस लाख नौकरी देने का किया वादा, पीयूष गोयल ने दिया एक और बयान

Fri, 17 Jan 2020 02:21 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दुनिया के सबसे अमीर शख्स जेफ बेजोस के भारत में एक अरब डॉलर (7,000 करोड़ रुपये) के निवेश के एलान के एक दिन बाद केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि उनकी कंपनी अमेजन देश में निवेश करके कोई अहसान नहीं कर रही है। अब गोयल ने कहा है कि भारत में निवेशकों का स्वागत है, लेकिन निवेश कानून के दायरे में होना चाहिए। मेरे बयान को इस संदर्भ में देखा जाना चाहिए। वहीं अमेजन ने कहा कि वह प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक नेटवर्क में निवेश करेगी। कंपनी की योजना निवेश के माध्यम से आगामी पांच वर्षों में यानी साल 2025 तक देश में दस लाख नए रोजगार सृजित करने की है। इनमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार दोनों शामिल हैं।

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इतना ही नहीं, यह रोजगार पिछले छह साल में उसके निवेश से सृजित हुए सात लाख से अधिक रोजगार से अलग होगा।

संभव सम्मेलन को बेजोस ने किया था संबोधित

अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस मंगलवार को भारत पहुंचे थे। बेजोस ने बुधवार को लघु एवं मझोले उपक्रमों पर आयोजित अमेजन संभव सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि, '21वीं सदी भारतीय सदी के नाम से जानी जाएगी। भारत में कुछ खास है। हम भारत के लघु एवं मझोले उपक्रमों (एसएमबी) को डिजिटल बनाने पर एक अरब डॉलर (7,000 करोड़ रुपये) का निवेश करेंगे।' 

'मेक इन इंडिया' उत्पादों का करेंगे निर्यात

इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि अपनी मौजूदगी के जरिए अमेजन वैश्विक स्तर पर 2025 तक 10 अरब डॉलर (71,000 करोड़ रुपये) के 'मेक इन इंडिया' उत्पादों का निर्यात करेगी। साथ ही बेजोस ने कहा कि 21वीं सदी में भारत-अमेरिका गठजोड़ सबसे महत्वपूर्ण होगा।  

इसके बाद पीयूष गोयल ने कहा था कि उनकी कंपनी अमेजन देश में निवेश करके कोई अहसान नहीं कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऑनलाइन कंपनी कीमतें घटाकर कैसे इतना बड़ा नुकसान उठा सकती है।

भारत पर कोई अहसान नहीं कर रही अमेजन : पीयूष गोयल

रायसीना डायलॉग के दौरान गुरुवार को गोयल ने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों को पूरी तरह भारतीय नियमों का पालन करना होगा और उन्होंने व्यवस्था की खामियों के सहारे बहु-ब्रांड खुदरा बाजार में उतरने के मौके नहीं तलाशने चाहिए। भारत बहु ब्रांड खुदरा बाजार में 49 फीसदी से ज्यादा विदेशी निवेश की अनुमति नहीं देता है और अभी तक किसी विदेशी खुदरा कंपनी को इसके लिए हरी झंडी नहीं दी गई है।

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