वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने योजना के तहत लाभ पाने वाली 14 क्षेत्रों की 1,300 विनिर्माण इकाइयों में से 140 कंपनियों के साथ बातचीत की। मंत्री गोयल ने उन्हें भरोसा दिया कि सरकार पीएलआई उद्योग से जुड़ी सभी जरूरी स्वीकृतियों को तेजी से पूरा करने और बाजार तक अधिक पहुंच में मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार की उत्पादकता पर प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं (पीएलआई) में एक साल में निवेश दो लाख करोड़ तक जा सकता है। अगस्त तक 1.46 लाख करोड़ का निवेश आया है। योजना में 14 क्षेत्र शामिल किए गए हैं।
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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने योजना के तहत लाभ पाने वाली 14 क्षेत्रों की 1,300 विनिर्माण इकाइयों में से 140 कंपनियों के साथ बातचीत की। मंत्री गोयल ने उन्हें भरोसा दिया कि सरकार पीएलआई उद्योग से जुड़ी सभी जरूरी स्वीकृतियों को तेजी से पूरा करने और बाजार तक अधिक पहुंच में मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्हें उम्मीद है कि भारत लगभग 11 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन करेगा। गोयल ने कहा, घरेलू उपयोग और निर्यात दोनों के लिए उत्पादन हमारी अपेक्षाओं से अधिक होगा। नीति एक होने पर भी कुछ उद्योगों को विकसित होने में वक्त लगता है, और शुरू में उनका स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान कम होता है। समय के साथ, उनका योगदान बढ़ेगा।
निर्यात में हुई बढ़ोतरी
योजना के तहत अब तक 12.50 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन और बिक्री हुई है। लगभग 9.5 लाख (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष) रोजगार सृजन हुआ है। जल्द ही 12 लाख तक पहुंच सकता है।
सरकार ने 2021 में इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, व्हाइट गुड्स, दूरसंचार और ड्रोन सहित 14 क्षेत्रों के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये की लागत के साथ योजना शुरू की। इसका उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना और निर्यात बढ़ाना है। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में मोबाइल फोन विनिर्माण अब भारत के कुल उत्पादन का आधा हिस्सा है।