चार देशों के समूह यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के साथ भारत का मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) बुधवार से प्रभावी हो गया। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय वाणिज्य और निवेश को बढ़ावा देना है। ईएफटीए के सदस्य देश आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड है। इस समझौता पर 10 मार्च, 2024 को दस्तखत किए गए थे। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और चार यूरोपीय देशों के समूह ईएफटीए के बीच मुक्त व्यापार समझौता एक अक्तूबर से लागू हो गया है। इस समझौते से व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और लोगों तथा व्यवसायों को फायदा होगा।
सेवाओं में भी बढ़त
भारत और ईएफटीए देशों ने सेवाओं के व्यापार पर समझौता किया है।भारत ने अपनी सेवा क्षेत्र के 105 क्षेत्रों जैसे आईटी, वित्त, हेल्थकेयर, शिक्षा, पर्यटन आदि को ईएफटीए देशों के लिए खोला है। वहीं, इसके बदले भारत को अपने सेवाप्रदाताओं के लिए इन देशों में ज्यादा अवसर मिले हैं। स्विट्जरलैंड के 128 क्षेत्रो, नॉर्वे के 114 क्षेत्र, लिकटेंस्टीन के 107 क्षेत्र और आइसलैंड के 110 क्षेत्रों में बेहतर पहुंच हासिल हुई है। इसका मतलब है कि भारतीय कंपनियों और पेशेवरों को अब इन देशों में काम करने, निवेश करने और सेवाएं देने के ज्यादा आसान मौके मिलेंगे। कुल मिलाकर, भारत के लिए विदेशों में ज्यादा दरवाजे खुले हैं बनिस्बत जो उसने अपने यहां खोले हैं।
देश ने अब तक 16 एफटीए पर किए दस्तखत
भारत ने श्रीलंका, भूटान, थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, यूके, मॉरीशस और 10 देशों के समूह आसियान (दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ) के साथ व्यापार समझौते किए हैं। 2014 से, देश ने मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, ईएफटीए और यूके के साथ पांच व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। कुल मिलाकर, भारत ने अब तक ऐसे 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
संवेदनशील क्षेत्र हैं संरक्षित
भारत ने समझौते के तहत फार्मा, चिकित्सा उपकरण, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, डेयरी, सोया, कोयला और संवेदनशील कृषि उत्पादों को सुरक्षित रखा है।
अलग-अलग देशों से फायदा
भारत के लिए स्विट्जरलैंड से खाद्य सामग्री, मिठाइयाँ, बिस्कुट, ताजा अंगूर, मेवे और बीज, ताजी सब्जियां और कॉफी तो नॉर्वे से खाद्य सामग्री, मसाले, चावल, प्रसंस्कृत सब्जियां और फल, बिस्कुट, माल्ट एक्सट्रेक्ट, पेय पदार्थ और कॉफी का फायदा मिलेगा। आइसलैंड से भी प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, चॉकलेट और मिठाइयां, ताजी/ठंडी सब्जियां में लाभ होगा।
भारतीय उपभोक्ताओं की भी होगी चांदी
भारतीय उपभोक्ताओं को स्विस वाइन, घड़ियां और चॉकलेट सस्ती दरों पर मिलेंगी। 750 मिलीलीटर की बोतल की कीमत 5 अमेरिकी डॉलर से लेकर 15 अमेरिकी डॉलर से कम वाली वाइन पर भारत पहले साल में शुल्क 150 फीसदी से घटाकर 100 फीसदी कर देगा। शुल्क में शेष कटौती दस बराबर किश्तों में होगी। अंतिम शुल्क 10वें वर्ष के अंत में 50 फीसदी होगा। इसी तरह 15 अमेरिकी डॉलर और उससे अधिक कीमत वाली वाइन पर पहले वर्ष में शुल्क 150 फीसदी से घटाकर 75 फीसदी कर दिया जाएगा। शुल्क में शेष कटौती 10 बराबर किश्तों में होगी। 10वें वर्ष के अंत में आखिरी शुल्क 25 फीसदी होगा।