देश में 151 यात्री गाड़ियों को निजी हाथों में सौंपने का निर्णय करने के बाद केन्द्र सरकार अब रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण कर उन्हें निजी क्षेत्र को सौंपने की योजना बना रही है। यह काम नीलामी के जरिए किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मर्चेंट्स चेंबर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री (एमसीसीआई) द्वारा आयोजित वेबिनार में यह जानकारी दी।
ये है सरकार की योजना
वेबिनार को संबोधित करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा कि रेलगाड़ियों के नजीकरण के लिए बोलियां 'जारी हो चुकीं हैं और इनके लिए अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।' उन्होंने कहा, 'सरकार की रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने की योजना है। उसके बाद इन्हें नीलामी के जरिए निजी क्षेत्र के हाथों सौंपा जाएगा।'
कोविड-19 की वजह से हुई देरी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि माल गलियारा परियोजना पर काम को तेज करने की जरूरत है। कोविड-19 की वजह से इसमें देरी हुई है। उन्होंने कहा, 'इस गलियारा के लिए पश्चिम बंगाल में जितनी जमीन की जरूरत है राज्य सरकार ने अभी तक वह परियोजना के लिए बनाए गए विशेष निकाय के हवाले नहीं की है।'
रेल मंत्री ने कहा कि यदि राज्य सरकार इसे मंजूरी देती है तो कोलकाता में मेट्रो सेवाएं शुरू हो जाएंगी। उन्होंने कहा, 'लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में विमान सेवाओं और उपनगरीय रेल सेवाओं को अभह शुरू करने के खिलाफ हैं। यदि मेट्रो का परिचालन अभी फिर शुरू कर दिया तो चीजें (वायरस की स्थिति) हाथ से निकल जाएंगी।'
देश में 2023 में चलेंगी 12 निजी ट्रेनें
मालूम हो कि देश में 12 निजी रेलगाड़ियों का पहला बैज 2023 में परिचालन शुरू कर देगा और उसके अगले वित्त वर्ष में ऐसी 45 रेलगाड़ियां शुरू हो जाएंगी। इस संदर्भ में भारतीय रेलवे के एक अधिकारी ने कहा है कि ऐसी सभी 151 रेलगाड़ियां अपने पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 2027 तक शुरू हो जाएंगी।