सार
अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50% तक शुल्क लगाने से कपड़ा, चमड़ा, जूते और झींगा जैसे श्रम प्रधान क्षेत्रों के निर्यात पर संकट गहरा गया है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार निर्यातकों को राहत देने के लिए जल्द ही ठोस कदम उठाएगी। वैकल्पिक बाजारों की तलाश, घरेलू खपत को बढ़ावा और वैश्विक पहुंच पर जोर दिया जाएगा।
सरकार निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से घरेलू और वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए जल्द ही विभिन्न उपायों की घोषणा करेगी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, निर्यातकों को व्यापार के मोर्चे पर मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं से निपटने में हर संभव मदद की जाएगी। अमेरिका ने भारतीय सामानों के निर्यात पर 50 फीसदी का भारी शुल्क लगा दिया है। इससे कपड़ा, चमड़ा, जूते और झींगा जैसे कुछ श्रम प्रधान क्षेत्रों के निर्यात पर असर पड़ने की आशंका है।
गोयल ने एक कार्यक्रम में शुक्रवार को कहा, सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि निर्यातकों को किसी एकतरफा कार्रवाई से उत्पन्न मौजूदा स्थिति से निपटने में तनाव या कठिनाई का सामना न करना पड़े। इन शुल्कों से जो मुश्किलें आ रही हैं, उसे आप लोग बताएं। हम वैकल्पिक बाजारों की तलाश कर रहे हैं। हम अपने मिशनों के जरिये दुनिया के अन्य हिस्सों तक पहुंच रहे हैं, ताकि अवसरों का लाभ उठा सकें। हम घरेलू खपत को बढ़ावा देने पर भी विचार कर रहे हैं।
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अगले सप्ताह जीएसटी परिषद की बैठक होगी। इससे घरेलू विनिर्माण क्षेत्र में मांग में तेजी आएगी। सरकार निर्यात में विविधता लाने के लिए विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों सहित सभी हितधारकों के साथ बात कर रही है। आने वाले दिनों में सरकार हर क्षेत्र को समर्थन के लिए कई कदम उठाएगी। इससे हमारी वैश्विक पहुंच का विस्तार होगा। इससे इस वर्ष हमारा निर्यात बीते वर्ष के निर्यात से अधिक हो सकता है।
825 अरब डॉलर का रिकॉर्ड निर्यात
गोयल ने कहा, 2024-25 में वस्तु एवं सेवा निर्यात 825 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर था। वैश्विक बाजार में भारत का निर्यात हिस्सा कम है। हमें व्यापार के मोर्चे पर वैश्विक अनिश्चितताओं के बारे में बहुत चिंता करने की जरूरत नहीं है। कोई देश अच्छा व्यापार समझौता करना चाहता है, तो हम उसके लिए हमेशा तैयार हैं।
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