भारतीय पायलट महासंघ (एफआईपी) ने शुक्रवार को कहा कि वह इस साल की शुरुआत में दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से अनुमोदित नए उड़ान ड्यूटी समय सीमा मानदंडों को पूरी तरह से लागू नहीं करने के लिए विमानन नियामक डीजीसीए के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करेगा।
प्रस्तावित कदम नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की ओर से उड़ान ड्यूटी समय सीमा (एफडीटीएल) ढांचे में कुछ छूट दिए जाने की पृष्ठभूमि में उठाया गया है, इसमें दो पायलट वाले बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान परिचालन के लिए अधिक रात्रि लैंडिंग और ड्यूटी समय विस्तार की अनुमति देना शामिल है। शुक्रवार को एक बयान में एफआईपी के अध्यक्ष सीएस रंधावा ने कहा कि महासंघ नए एफडीटीएल मानदंडों को पूरी तरह से लागू नहीं करने के लिए डीजीसीए के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करेगा।
एफआईपी ने कहा कि नियामक ने एयर इंडिया सहित विभिन्न एयरलाइनों को छूट देना शुरू कर दिया है और आरोप लगाया कि सुरक्षा की तुलना में वाणिज्यिक हितों को अधिक महत्व दिया जा रहा है। इस साल की शुरुआत में, डीजीसीए ने दिल्ली उच्च न्यायालय में अपने हलफनामे में कहा था कि नए एफडीटीएल मानदंडों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। प्रस्तावित 22 धाराओं में से 15 इस साल 1 जुलाई से लागू हो गई हैं और बाकी 1 नवंबर से प्रभावी होंगी।
पायलटों की थकान की चिंताओं के बीच, FDTL से संबंधित नियामक संस्था के संशोधित CAR (नागरिक उड्डयन आवश्यकता) 2024 में पायलटों के लिए अधिक आराम का समय प्रदान किया गया है। शुरुआत में, नए मानदंड 1 जून 2024 से लागू होने थे।