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Crude Prices: क्या कच्चे तेल में उबाल से पेट्रोल-डीजल ₹20 तक महंगा होने की आशंका है, जानें रिपोर्ट में क्या

Mon, 27 Apr 2026 08:40 PM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

क्या पेट्रोल-डीजल के दाम ₹20 तक बढ़ेंगे? कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, एमके ग्लोबल की रिपोर्ट और सरकार के स्पष्टीकरण पर पढ़ें आसान भाषा में पूरी खबर। अभी क्लिक करें!
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता अटकने और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। ब्रेंट क्रूड सोमवार को 2.6 प्रतिशत चढ़कर 108.10 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि डब्लूटीआई क्रूड 96.70 डॉलर पर पहुंच गया है। इसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। 

तेल कंपनियों का नुकसान और शुरुआती बढ़ोतरी का अनुमान

ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का क्रूड बास्केट लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। 27 मार्च 2026 को एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कटौती के बावजूद, तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को पेट्रोल-डीजल पर प्रति लीटर 18 से 20 रुपये का भारी नुकसान (अंडर-रिकवरी) हो रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो सरकार को पेट्रोल-डीजल के खुदरा दामों में शुरुआती तौर पर 10 रुपये प्रति लीटर का इजाफा करना पड़ सकता है। यह बढ़ोतरी तेल कंपनियों के नुकसान को कम करने और आम जनता पर पड़ने वाले महंगाई के बोझ के बीच संतुलन बनाने के लिए की जा सकती है। 

महंगाई का दबाव और सेक्टोरल इम्पैक्ट

एमके ग्लोबल ने अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें अगले 2-3 तिमाहियों तक 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी रहती हैं, तो कीमतों में बढ़ोतरी के और दौर आ सकते हैं। ऐसी स्थिति में अगले 3 से 6 महीनों में पेट्रोल-डीजल 18 से 20 रुपये तक महंगा हो सकता है। ईंधन की कीमतों में इस तेज वृद्धि से पूरी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा और महंगाई का दबाव काफी बढ़ जाएगा। इसका सीधा नकारात्मक असर ऑटो, एनबीएफसी, लॉजिस्टिक्स, मेटल और रिटेल सेक्टर की कंपनियों और उनके शेयरों पर पड़ सकता है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म का यह भी मानना है कि यह ऊर्जा संकट अस्थायी है और खाड़ी क्षेत्र में लंबे समय तक तनाव रहने की संभावना कम है। 

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पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की इन चिंताओं और अटकलों के बीच, भारत सरकार ने इस मामले में अपनी स्थिति पहले ही साफ कर दी है।  पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 23 अप्रैल को मूल्य वृद्धि की इन रिपोर्टों को 'फेक न्यूज' और भ्रामक करार दिया है। मंत्रालय ने साफ किया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने के किसी भी प्रस्ताव पर सरकार विचार नहीं कर रही है। मंत्रालय के अनुसार, ऐसी खबरें केवल नागरिकों में घबराहट और डर पैदा करने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं।

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