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LPG Crisis: 'देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित', जानिए सरकार ने क्या बताया?

Thu, 26 Mar 2026 03:30 PM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्या देश में पेट्रोल, डीजल और LPG खत्म हो रहा है? पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन अफवाहों का खंडन करते हुए भारत की 100% सुरक्षित ऊर्जा आपूर्ति की जानकारी दी है। कच्चे तेल के भंडार और ईंधन की उपलब्धता पर सरकार ने अपने बयान में क्या कहा है, जानिए सबकुछ।
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एलपीजी संकट - फोटो : ANI
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विस्तार
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देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कमी की अटकलों के बीच, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक अहम बयान जारी किया है। पश्चिम एशिया में जारी संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के बावजूद, सरकार ने कहा है कि भारत की ईंधन आपूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित है। आइए समझते हैं कि ईंधन संकट की अफवाहों और जमीनी हकीकत में क्या अंतर है।

सवाल: क्या देश में पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस का कोई संकट है?

जवाब: बिल्कुल नहीं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में ईंधन आपूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित और नियंत्रण में है। देश भर में एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप बिना किसी रुकावट के पेट्रोल और डीजल दे रहे हैं। अन्य देशों की तरह भारत में ईंधन की राशनिंग या किसी भी प्रकार के 'राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल' की स्थिति नहीं है।

सवाल: पश्चिम एशिया के संकट का भारत के कच्चे तेल के भंडार पर क्या असर पड़ा है?

जवाब: संकट के बावजूद भारत की स्थिति मजबूत है। भारत 41 से अधिक वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिसने होर्मुज जलडमरूमध्य के व्यवधान की भरपाई कर दी है। वर्तमान में भारत के पास लगभग 60 दिनों का स्टॉक कवर मौजूद है, जबकि कुल रिजर्व क्षमता 74 दिनों की है। इसके अलावा, भारतीय तेल कंपनियों ने अगले 60 दिनों (2 महीने) के कच्चे तेल की आपूर्ति भी पहले ही सुरक्षित कर ली है। देश की सभी रिफाइनरियां अपनी 100% से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं।

सवाल: कुछ पेट्रोल पंपों पर भीड़ क्यों दिख रही है और पंप मालिकों के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?

जवाब: कुछ चुनिंदा पंपों पर घबराहट में की गई खरीदारी  सोशल मीडिया पर फैलाए गए भ्रामक वीडियो का नतीजा थी। मांग बढ़ने के बावजूद तेल कंपनियों के डिपो ने रात भर काम करके आपूर्ति सुनिश्चित की है। साथ ही, वर्किंग कैपिटल की समस्या से बचने के लिए तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों के लिए क्रेडिट लिमिट को 1 दिन से बढ़ाकर 3 दिन से अधिक कर दिया है, ताकि किसी भी पंप पर ईंधन खत्म न हो।

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सवाल : रसोई गैस को लेकर क्या स्थिति है? क्या पीएनजी को मजबूरी में बढ़ावा दिया जा रहा है?

जवाब: एलपीजी की कोई कमी नहीं है। घरेलू रिफाइनरियों का उत्पादन 40% बढ़ा दिया गया है, जिससे रोजाना 50 TMT (कुल जरूरत का 60% से अधिक) एलपीजी का उत्पादन हो रहा है। आयात की जरूरत घटकर मात्र 30 TMT रह गई है और अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से 800 TMT एलपीजी कार्गो सुरक्षित किए गए हैं। घबराहट के कारण 89 लाख सिलेंडर की दैनिक मांग हो गई थी, जो अब वापस सामान्य 50 लाख पर आ गई है। जहां तक पीएनजी का सवाल है, इसे बढ़ावा देना भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है, न कि एलपीजी खत्म होने का संकेत। पीएनजी गैस भारतीय परिवारों के लिए सस्ती, स्वच्छ और सुरक्षित है।

सवाल: अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सरकार क्या कदम उठा रही है?

जवाब: कुछ लोग अन्य देशों में राशनिंग के वीडियो और लॉकडाउन की झूठी खबरें फैलाकर दहशत पैदा कर रहे हैं। सरकार ने चेतावनी दी है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाना कानूनन अपराध है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।

सवाल: आने वाले दिनों के लिए क्या अनुमान है?

जवाब: दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक होने के नाते भारत ईंधन के मामले में पूरी तरह सुरक्षित है। उपभोक्ताओं को अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय, इस बात पर भरोसा रखना चाहिए कि सरकार और तेल कंपनियों के पास आने वाले कई महीनों के लिए मजबूत आपूर्ति शृंखला और रणनीतिक भंडार मौजूद हैं।

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