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इस राज्य में 85 रुपये के करीब पहुंची पेट्रोल की कीमत, जानिए प्रमुख शहरों का हाल

Mon, 09 Dec 2019 05:32 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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सोमवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग लग गई। एक साल में पहली बार दिल्ली में पेट्रोल की 75 रुपये हो गई. जबकि डीजल 66.04 रुपये प्रति लीटर है। देश में इस वक्त सबसे महंगा पेट्रोल-डीजल मध्य प्रदेश में मिल रहा है। देश के चार बड़े महानगरों की बात करें तो फिर मुंबई में पेट्रोल की कीमत 80 रुपये के पार चली गई है। यह चार महानगरों में सबसे महंगी कीमत है। 

मध्य प्रदेश में सबसे महंगा पेट्रोल-डीजल

राज्य के दो बड़े शहरों--भोपाल और इंदौर में पेट्रोल की कीमत 85 रुपये के करीब पहुंच गई है। इंदौर में डीजल 72.44 रुपये प्रति लीटर है, वहीं पेट्रोल की कीमत 83.41 रुपये प्रति लीटर है । भोपाल में सोमवार को पेट्रोल की कीमत 83.29 रुपये और डीजल 72.3 रुपये में मिल रहा है। 

कोलकाता, चेन्नई में यह रहा दाम

कोलकाता में पेट्रोल 77.67 रुपये और डीजल 68.45 रुपये प्रति लीटर है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल 77.97 रुपये प्रति लीटर और डीजल 69.81 रुपये प्रति लीटर है। चार महानगरों की बात करें तो सबसे सस्ता पेट्रोल और डीजल दिल्ली में और सबसे महंगा मुंबई में मिल रहा है। 

एनसीआर का यह रहा हाल

अगर दिल्ली से सटे एनसीआर की बात करें तो फिर गाजियाबाद में सोमवार को पेट्रोल की कीमत 76.17 रुपये प्रति लीटर और डीजल 66.21 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा था। फरीदाबाद में पेट्रोल 74.68 रुपये प्रति लीटर और डीजल 65.54 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। गुरुग्राम में पेट्रोल 74.49 रुपये प्रति लीटर और डीजल 65.35 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। नोएडा में पेट्रोल 76.29 और 66.35 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। इस हिसाब से पूरे एनसीआर में सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल गुरुग्राम में मिल रहा है। 

इसलिए अभी और बढ़ेंगी कीमत

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति घटने से अगले साल पेट्रोल-डीजल भी महंगा हो सकता है। रूस की अगुवाई में तेल उत्पादकों देशों के संगठन (ओपेक) ने अगले साल से क्रूड आपूर्ति में चार लाख बैरल प्रतिदिन कटौती का फैसला किया है। संगठन की बैठक में अधिकतर देशों ने कटौती पर सहमति जताई है। इस हिसाब से भारत में पेट्रोल की कीमतें एक बार फिर से 80 रुपये के पार जा सकती हैं।  

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ओपेक ने शुक्रवार को रूस के साथ बैठक से पहले विएना में हुई चर्चा के दौरान क्रूड की गिरती कीमतों का मुद्दा उठाया। इस पर सभी ओपेक देशों ने कीमतों को सहारा देने के लिए अगले साल से 4 लाख बैरल प्रतिदिन कटौती पर सहमति जताई। ओपेक और सहयोगी देश 2017 के बाद से लगातार आपूर्ति में कटौती कर रहे हैं, क्योंकि अमेरिका ने अपनी आपूर्ति में काफी इजाफा कर दिया है, जिससे तेल कीमतें नीचे आ गई हैं। ओपेक से जुड़े सूत्रों ने बताया कि चर्चा में मौजूदा 12 लाख बैरल प्रतिदिन की कटौती के अतिरिक्त 4 लाख बैरल और कटौती पर सहमति बनी है। इस दौरान सऊदी अरब से 16 लाख बैरल प्रतिदिन की कटौती करने को कहा गया है।

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