पेटीएम ने मनी लॉन्ड्रिंग या फेमा उल्लंघन को लेकर कंपनी या उसके संस्थापक के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच संबंधी मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है। फिनटेक कंपनी ने रिपोर्ट्स को भ्रामक, आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण बताया है। पेटीएम ने सोमवार को एक बयान में कहा कि ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के बीच मूल ब्रांड वन97 कम्युनिकेशंस या कंपनी के संस्थापक और सीईओ विजय शेखर शर्मा के खिलाफ कोई जांच शुरू नहीं की है।
पेटीएम ने कहा, हम दोबारा स्पष्ट करना चाहते हैं कि कंपनी और पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड के खिलाफ ऐसी कोई भी जांच नहीं चल रही है। ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स पूरी तरह से भ्रामक, निराधार और दुर्भावनापूर्ण हैं, जो हमारे सभी हितधारकों के हितों को नुकसान पहुंचाती हैं। कंपनी ने कथित फेमा उल्लंघन के दावों का भी खंडन किया। बयान में कहा गया है कि हमने विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन के लिए कंपनी या उसके सहयोगी पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) के खिलाफ जांच के बारे में निराधार अटकलें लगाने वाली मीडिया रिपोर्टें देखी हैं। पेटीएम जरूरत पड़ने पर ऐसे स्पष्टीकरण साझा करता रहेगा।
वॉलेट कारोबार को बेच सकती है पेटीएम, दौड़ में एचडीएफसी व जियो
उधर, विवादों में फंसी पेटीएम अपने वॉलेट कारोबार को बेचने पर विचार कर रही है। एचडीएफसी बैंक और मुकेश अंबानी की जियो फाइनेंशियल इसे खरीदने के लिए दौड़ में शीर्ष पर हैं। वॉलेट कारोबार पेटीएम पेमेंट्स बैंक का हिस्सा है। आरबीआई ने पेमेंट्स बैंक पर 29 फरवरी से जमा स्वीकार करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। पेटीएम के वॉलेट कारोबार खरीदने की खबर के बाद जियो का शेयर सोमवार को 14 फीसदी बढ़कर एक साल के उच्च स्तर 289 रुपये पर बंद हुआ। दिन में यह 295 रुपये तक चला गया था। बैंकरों ने कहा, पेटीएम वर्ष 2022 से पहले की तरह अब इस कारोबार को तवज्जो नहीं दे रही है। अगर कंपनी का मूल्यांकन अच्छा होता तो जियो के साथ यह सौदा पहले ही हो जाता।