देश का सबसे बड़ा मोबाइल वॉलेट, पेटीएम अब दस भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध होगा। फिलहाल यह सिर्फ अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है। कंपनी का कहना है कि इससे करोड़ों भारतीयों को भाषा की बाधाओं को हराने और अपनी पसंदीदा क्षेत्रीय भाषा में खरीदारी करने में सक्षम बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही पेटीएम टीयर 2 और टीयर 3 जैसे शहरों में भी पैठ जमा सकेगी।
पेटीएम के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट दीपक अबोट के मुताबिक, मंगलवार शाम से एंड्रॉयड फोन पर पेटीएम का यूजर इंटरफेस अंग्रेजी के साथ-साथ 10 अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं- हिंदी, तमिल, तेलुगु, गुजराती, मराठी, बंगाली, कन्नड़, मलयालम, उड़िया और पंजाबी में भी उपलब्ध होगा।
इसके साथ ही पेटीएम कई क्षेत्रीय भाषाओं वाला इंटरफेस प्रस्तुत करने वाला भारत का पहला मोबाइल भुगतान और व्यापार प्लेटफॉर्म बन जाएगा। इससे कारोबार में 80 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद है।
अबोट के मुताबिक, हमारी टीम हर नए फीचर को डिजाइन करने में घंटों बिताती है और यह छोटी से छोटी जानकारियों के लिये भी अभिभूत है। इस नए कदम से हम टीयर 2 और टीयर 3 शहरों में अपने ग्राहकों के आधार को 40 फीसदी से 70 फीसदी तक लाने का प्रयास कर रहे हैं।
हमारा लक्ष्य भुगतानों और व्यापार को ज्यादा समावेशी बनाना है, और यह नया फीचर उन प्रयोक्ताओं को शामिल करने के लिये बाजार का विस्तार करने में हमारी मदद करेगा जो अपनी स्थानीय भाषाओं में ऑनलाइन होना पसंद करते हैं।
इस समय देश भर में करीब 8,50,000 ऑफलाइन व्यापारी अपने अधिमान्य भुगतान मोड के रूप में पेटीएम को स्वीकार कर रहे हैं। इनमें टैक्सी, ऑटो, पेट्रोल पंप, ग्रॉसरी शॉप, रेस्टोरेंट, कॉफी शॉप, मल्टीप्लेक्स, पार्किंग, फार्मेसी, अस्पताल, किराना दुकान, न्यूजपेपर विक्रेता और कई अन्य श्रेणी के कारोबारी शामिल हैं।
कंपनी का कहना है कि जब से पुराने नोटों को चलन से हटाने का काम हुआ है, तब से इसके कारोबार में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।