ऐसे समय में जब कई दिग्गज वैश्विक टेक कंपनियों को कथित प्रतिस्पर्धा विरोधी गतिविधियों के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की जांच का सामना करना पड़ रहा है, बुधवार को एक प्रमुख संसदीय समिति ने गूगल, अमेजन, फेसबुक, ट्विटर और अन्य कंपनियों के प्रतिनिधियों को समन जारी करने का फैसला किया है। संसदीय समिति ने यह कदम इन कंपनियों के प्रतिस्पर्धा से जुड़े व्यवहार का परीक्षण करने के लिए उठाया है।
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार इस मुद्दे पर समिति की अगली बैठक 12 मई को आयोजित हो सकती है। गुरुवार को हुई बैठक में सीसीआई की ओर से वित्त पर संसद की स्थायी समिति के सामने एक प्रस्तुति दिए जाने के बाद सदस्यों ने मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की है। सीसीआई ने बताया कि वह एक डिजिटल मार्केट्स एंड डाटा यूनिट की स्थापना कर रही है और सीसीआई कानून में संशोधन के लिए विधायक ला रही है।
सीसीआई ने डिजिटल क्षेत्र में गूगल, फेसबुक-व्हाट्सएप, एपल, अमेजन, फ्लिपकार्ट, मेकमाईट्रिप-गोइबिबो, स्विगी और जोमाटो के खिलाफ अपनी जांचों के बारे में भी बताया। यह बैठक प्रतिस्पर्धा को लेकर भारत सहित वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंताओं की पृष्ठभूमि में हुई है। इस बैठक में बड़ी प्रौद्योकिती कंपनियों और प्लेटफार्मों की कथित प्रथाओं के बारे में बताया गया है जो बाजार में प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
भारत में किस तरह विकसित हो रहा प्रतिस्पर्धा कानून
इस बैठक को लेकर समिति के चेयरमैन जयंत सिन्हा ने कहा कि हमने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और सीसीआई के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। इस मुद्दे पर अगली बैठक में हम प्रमुख टेक कंपनियों को बुलाएंगे और इस पर बात करेंगे कि भारत में प्रतिस्पर्धा कानून डिजिटल स्पेस से जुड़ी जरूरतों और चुनौतियों का समाधान करने के लिए किस तरह विकसित हो रहा है।
कंपनियों के प्रतिस्पर्धी व्यवहार पर विचार करेगी समिति
भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सिन्हा ने कहा कि समिति इन कंपनियों के प्रतिस्पर्धी व्यवहार पर विचार-विमर्श करेगी। उन्होंने बताया कि सीसीआई अधिनियम साल 2002 में लाया गया था और इसमें पिछला संशोधन साल 2007 में हुआ था। सूत्रों के अनुसार भाजपा सदस्य सीएम रमेश ने सीसीआई अधिकारियों के साथ सीमेंट कंपनियों में कार्टेलाइजेशन का मुद्दा उठाया। इस पर सीसीआई की प्रतिक्रिया अगली बैठक में आने की उम्मीद है।