Parliament of World's Religions: अहिंसा विश्व भारती और विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश मुनि ने एक बयान में कहा कि उन्हें विश्व धर्म संसद से एक ईमेल मिला है, जिसमें उन्हें उद्घाटन समारोह में वक्ता के साथ-साथ प्लेनरी हॉल में आयोजित होने वाले अंतरधार्मिक सत्र में वक्ता बनने के लिए आमंत्रित किया गया है।
विश्व धर्म संसद ने 14 अगस्त को अपने उद्घाटन समारोह में प्रमुख जैन नेता आचार्य लोकेश मुनि को वक्ता के तौर पर आमंत्रित किया है। शिकागो में 14 अगस्त से शुरू हो रहे पांच दिवसीय कार्यक्रम में 80 देशों के करीब 10,000 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इसे दुनिया भर के धार्मिक नेताओं की सबसे बड़ी सभा कहा जाता है।
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अहिंसा विश्व भारती और विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश मुनि ने एक बयान में कहा कि उन्हें विश्व धर्म संसद से एक ईमेल मिला है, जिसमें उन्हें उद्घाटन समारोह में वक्ता के साथ-साथ प्लेनरी हॉल में आयोजित होने वाले अंतरधार्मिक सत्र में वक्ता बनने के लिए आमंत्रित किया गया है।
इसके अलावा वह दो और सत्रों में जलवायु परिवर्तन और विश्व शांति के विषय को भी संबोधित करेंगे। गौरतलब है कि स्वामी विवेकानंद ने 1893 में विश्व धर्म संसद में भाग लेकर आध्यात्मिक जगत पर एक खास छाप छोड़ी थी। उस समय भी जैन धर्म की ओर से वीरचंद राघवजी गांधी ने भाग लिया था।
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शिकागो में पांच दिवसीय कार्यक्रम में कई अन्य भारतीय धार्मिक नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इनमें विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी की अखिल भारतीय उपाध्यक्ष निवेदिता रघुनाथ भिड़े प्रमुख हैं। 15 पुस्तकों के लेखक भिड़े को समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए 2017 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।