पहलगाम में मासूम लोगों की नृशंस हत्या करने वाले आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान के लिए यह हमला नासूर बन सकता है। हमले जवाब में भारत की प्रतिक्रिया का सीधा चोट पाकिस्तान के शेयर बाजार पर पड़ा है। भारत सरकार की ओर से सख्त कूटनीतिक फैसले लिए जाने के बाद पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में गुरुवार को भारी गिरावट आई। भारत की ओर से करारा जवाब मिलने की आशंका बढ़ने से पाकिस्तानी निवेशक सहम गए, जिससे बाजार का प्रमुख सूचकांक केएसई-100 इंडेक्स (कराची स्टॉक एक्सचेंज) 2.12% तक फिसल गया। इस दौरान, भू-राजनीतिक तनाव और आईएमएफ की ओर से पाकिस्तान के लिए विकास पूर्वानुमान घटाए जाने के बावजूद भारतीय बाजार में लचीलापन दिखा।
पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत की ओर से आतंकियों के पनाहगार देश पाकिस्तान पर कई सख्त कूटनीतिक उपाय लागू किए गए हैं। इसके बाद इसके बाद पाकिस्तानी शेयर बाजार धराशाई हो गया। भारत की प्रतिक्रिया के डर से निवेशकों के सहम जाने के बाद पाकिस्तानी बाजार का प्रमुख बेंचमार्क केएसई 100 (कराची स्टॉक एक्सचेंज) खुलने के बाद पहले पांच मिनट में ही 2.12% या 2,485.85 अंक गिरकर 114,740.29 पर आ गया।
पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने और वाघा-अटारी सीमा को तत्काल बंद करने सहित कई निर्णयों की घोषणा की। पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क ढांचे के तहत दी गई वीजा छूट भी रद्द कर दी गई। इससे पहले, बुधवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की ओर से पाकिस्तान के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 2.6% करने के कदम के बाद बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। पाकिस्तान पर फिच रेटिंग की प्रतिक्रिया का भी बुरा असर पड़ा। फिच रेटिंग्स ने कमजोर होते पाकिस्तानी रुपए, राजनीतिक अस्थिरता और कश्मीर से जुड़ी आतंकी गतिविधियों के पाकिस्तान से संचालित होने पर चिंता जाहिर की थी। इससे पाकिस्तानी निवेशक पहले से सदमे दिखे।
प्रधानमंत्री मोदी की दो टूक- आतंक के आकाओं की कमर तोड़कर रहेंगे
उधर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के मधुबनी जिले स्थित झंझारपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए आतंक के खिलाफ अपनी मंशा पूरी दुनिया के सामने जाहिर कर दी। पीएम ने दो टूक कहा, "140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति आतंक के आकाओं की कमर तोड़कर रहेगी।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में पहलगाम आतंकी हमले पर देश के दुश्मनों को चेतावनी देते हुए कहा, "मैं बहुत स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि इन आतंकियों को और इस हमले की साजिश करने वालों को उनकी कल्पना से बड़ी सजा मिलेगी, सजा मिलकर रहेगी। अब आतंकियों की बची-खुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है। 140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति अब आतंक के आकाओं की कमर तोड़कर रहेगी।" भारतीय प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद पाकिस्तानी बाजार में और गिरावट दिखी।
दूसरी ओर, भारतीय बाजार स्थिरता के साथ कारोबार करता दिखा। भारतीय समयानुसार सुबह 11:37 बजे तक, बीएसई सेंसेक्स 233 अंक या 0.29% की गिरावट के साथ 79,884 पर था, जबकि निफ्टी 50 69 अंक या 0.28% की गिरावट के साथ 24,259 पर था।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा, "निफ्टी का एसएंडपी 500 से अलग होना चौंकाने वाला है। एसएंडपी 500 में साल-दर-साल 8.4% की गिरावट आई है, जबकि निफ्टी में 2.27% की तेजी आई है। भारतीय अर्थव्यवस्था में लचीलापन, अपेक्षित अमेरिकी मंदी, डॉलर की कमजोरी और पिछले छह दिनों में 21,263 करोड़ रुपये का एफआईआई प्रवाह आने से बाजार ने बेहतर प्रदर्शन किया है। बाजार को आतंकी हमलों और उसके परिणामों पर भारत की प्रतिक्रिया के समय, प्रकृति और मात्रा के बारे में सतर्क रहना चाहिए।"
पहलगाम हमले के बाद भारत ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
- 1960 की सिंधु जल संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित।
- एकीकृत चेक पोस्ट अटारी को तत्काल प्रभाव से बंद, वैध अनुमोदन वाले लोग 1 मई, 2025 से पहले उस मार्ग से लौट सकते हैं।
- पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क वीजा छूट योजना (एसबीईएस) वीजा के तहत भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पाकिस्तानी नागरिकों को पहले जारी किए गए किसी भी एसवीईएस वीजा को रद्द माना जाएगा।
- एसवीईएस वीजा के तहत वर्तमान में भारत में मौजूद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक के पास भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे का समय।
- नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग में रक्षा/सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकारों को अवांछित व्यक्ति (Persona Non Grata) घोषित किया गया है। उनके पास भारत छोड़ने के लिए एक सप्ताह का समय है।
- भारत इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग से अपने रक्षा/नौसेना/वायु सलाहकारों को वापस बुलाएगा।
- भारत उच्चायोगों में काम हर रहे लोगों की संख्या 55 से घटाकर 30 करेगा। यह फैसला 1 मई, 2025 से लागू होगा।