पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने वित्त मंत्रालय को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि बजट अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की ओर से तय मानदंडों के अनुरूप हों। बुधवार को एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार। देश का बजट शुक्रवार को पेश किए जाने की संभावना है।
पाकिस्तानी पीएम को भरोसा- सरकार आईएमएफ के साथ समझौते पर पहुंच जाएगी
एक सप्ताह पहले शरीफ ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी और उनसे 6.5 अरब डॉलर के सौदे को फिर से शुरू करने का आग्रह किया था, जिस पर 2019 में हस्ताक्षर किए गए थे और यह इस महीने के अंत तक समाप्त होने वाली है। जियो न्यूज ने एक जानकार सूत्र के हवाले से कहा कि शरीफ ने मंगलवार को वित्त मंत्री इशाक डार के साथ बैठक के दौरान उम्मीद जताई कि सरकार आईएमएफ के साथ एक समझौते पर पहुंच जाएगी।
शरीफ बोले- ऐसा बजट बर्दाश्त नहीं जो आईएमएफ की शर्तों का उल्लंघन करे
सूत्र ने इन अटकलों को भी खारिज कर दिया कि सरकार लोकलुभावन चुनावी बजट पेश करेगी और कहा, "पाकिस्तान ऐसा कोई बजट बर्दाश्त नहीं कर सकता जो आईएमएफ की मूल बातों का उल्लंघन करता हो। सूत्र ने कहा कि प्रधानमंत्री जॉर्जीवा के साथ बातचीत के बाद आईएमएफ कार्यक्रम के पुनरुद्धार को लेकर काफी आशान्वित थे। उसी बैठक में इस बात पर सहमति बनी थी कि पाकिस्तान वाशिंगटन स्थित बैंक के साथ बजट का ब्योरा साझा करेगा।
बीते चार महीनों में ऋण वार्ता पर गतिरोध नहीं हो सका है दूर
शरीफ और जॉर्जीवा के बीच यह चर्चा तब हुई जब वित्त मंत्रालय पिछले चार महीनों के दौरान ऋण वार्ता को लेकर जारी गतिरोध को दूर नहीं कर सका। दोनों पक्षों के अधिकारियों ने एक-दूसरे पर पाकिस्तान के साथ गतिरोध का आरोप लगाया है जो आवश्यक सुधारों को लागू करने के लिए संघर्ष कर रहा है और आईएमएफ ने कोई नरमी नहीं दिखाई है। शरीफ ने सोमवार को तुर्की की मीडिया से कहा था कि पाकिस्तान को इस महीने आईएमएफ के साथ समझौते को अंतिम रूप देने की उम्मीद है।