नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) को बाह्य भुगतान से जुड़ी वित्तपोषण योजना उपलब्ध कराई है। पाकिस्तान ने वैश्विक ऋणदाता को बताया है कि वह बाह्य ऋणों की चुकौती के लिए छह अरब डॉलर की बजाय आठ अरब डॉलर की व्यवस्था करेगा।
29 जून को आईएमएफ से कर्मचारी स्तर पर हुआ था समझौता
पाकिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के बीच 29 जून को कर्मचारी स्तर का एक समझौता हुआ था, जिसके तहत महीनों तक चली बातचीत के बाद अर्थव्यवस्था में तीन अरब डॉलर की स्टैंडबाय अरेंजमेंट (एसबीए) देने पर सहमति बनी थी। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' अखबार की खबर के अनुसार आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड की 12 जुलाई को बैठक होगी जिसमें पाकिस्तान के लिए एसबीए की समीक्षा की जाएगी। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान ने आईएमएफ को बाहरी भुगतान के लिए 6 अरब डॉलर का आश्वासन दिया था।
पाकिस्तान को चीन, सऊदी अरब और यूएई से मदद की उम्मीद
सूत्रों ने कहा कि चीन पाकिस्तान को 3.5 अरब डॉलर देगा, जिसमें से इस्लामाबाद दो अरब डॉलर जमा रखेगा, जबकि बीजिंग के वाणिज्यिक बैंक उसे 1.5 अरब डॉलर देंगे। इसके अलावा सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पाकिस्तान को क्रमश: दो अरब डॉलर और एक अरब डॉलर देंगे। पाकिस्तान को विश्व बैंक से 500 मिलियन डॉलर के अलावा एशियाई बुनियादी ढांचा निवेश बैंक से 250 मिलियन डॉलर मिलेंगे। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि जिनेवा सम्मेलन के दौरान वादा किए गए 350 मिलियन डॉलर भी पाकिस्तान आएंगे।