भारत-पाकिस्तान संघर्ष में तुर्की और अजरबेजान जैसे देशों का पाकिस्तान को खुला समर्थन देना भारत के लोगों को रास नहीं आया है। भारतीयों की ओर से उनका बहिष्कार किया जा रहा है। इस बीच, देश के सभी व्यापारी संगठनों ने भारत सरकार से इन देशों से सभी प्रकार के व्यापार बंद करने का आग्रह किया है। व्यापारियों के संगठन कैट ने शुक्रवार को ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनजर पाकिस्तान को हाल ही में दिए गए "समर्थन" का हवाला देते हुए तुर्की और अजरबैजान के साथ सभी व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंधों का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
चेम्बर ऑफ एसोसिएशन ऑफ महाराष्ट्र इंडस्ट्री एंड ट्रेड (सीएएमआईटी) के अध्यक्ष दिपने अग्रवाल कहते हैं, हमने सरकार से आग्रह किया है, कि पाकिस्तान को खुला समर्थन देने वाले दोनों देशों तुर्की और अजरबैजान से के साथ कारोबार पर रोक लगाई जाए। भारती जनभावनाओं के साथ एक जुटता दिखाते हुए राष्ट्र सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए संगठन और महाराष्ट्र भर में उसके जुड़े संगठन तुर्की और अजरबैजान की संस्थाओं के साथ अपने व्यापारिक लेन-देन को स्वेच्छा से तत्काल प्रभाव से निलंबित करेंगे। वहीं नवी मुंबई एपीएमसी मार्केट एसोसिएशन के अनुसार तुर्की से सबसे अधिक फलों का आयात होता है, जिसमें सेब, अंगूर, लीची, बेर और चेरी का आयात मुख्य है। हमने कारोबारियों को उनकी संस्थाओं से कारोबार नहीं करने का अनुरोध किया है।
मुंबई मेवा मसाला मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश गणात्रा कहते हैं, देखिए अभी सरकार की ओर से कारोबार बंद करने का कोई आदेश नहीं आया है, लेकिन एक देशभक्त होने के नाते हम सभी व्यापारियों का फर्ज बनता है कि हम वहां से जुड़ी कारोबारी संस्थाओं से कारोबार नहीं करें। ड्राईफ्रूट्स में तुर्की से अंजीर, एप्रिकॉट, हैजलनट और किशमिश आते हैं। हमने अपने सभी व्यापारियों से कहा है कि वे ग्राहकों को उत्पाद बेचने से पहले यह बताए कि यह उत्पाद तुर्की या अजरबैजान का है। दूसरा वे वहां के उत्पादों का प्रचार नहीं करें। इससे उत्पाद की बिक्री कम होगी।
वहीं कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की ओर से नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन में देश भर से आए 125 से अधिक प्रमुख व्यापारिक नेताओं ने सर्वसम्मति से संकल्प लिया, कि भारत का व्यापारिक समुदाय तुर्की और अजरबैजॉन के साथ हर प्रकार के व्यापार एवं व्यावसायिक संबंधों को पूर्ण बहिष्कार करेंगा, जिसमें यात्रा और पर्यटन भी शामिल है।
यात्रा एजेंसियों और इवेंट प्लार्नस से अनुरोध किया जाएगा कि यहां के स्थानों का प्रचार नहीं करें। सरकार से अनुरोध किया गया है कि इन दोनों देशों की बीच होने वाले आयात-निर्यात को बंद किया जाए। इस सम्मेल में देश के 24 राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कैट देश भर में व्यापक जनजागरुकता अभियान भी चलएगा, जिसमें व्यापारियों और उपभोक्ताओं को इस बहिष्कार की अभियान से जोड़ा जाएगा।
व्यापारियों के संगठन कैट ने शुक्रवार को ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनजर पाकिस्तान को हाल ही में दिए गए "समर्थन" का हवाला देते हुए तुर्की और अजरबैजान के साथ सभी व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंधों का बहिष्कार करने का फैसला किया है। सीएआईटी के अनुसार, इस निर्णय में तुर्की और अजरबैजानी वस्तुओं का राष्ट्रव्यापी बहिष्कार शामिल है, तथा भारत भर के व्यापारियों ने इन देशों से आयात रोक दिया है। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि भारतीय निर्यातकों, आयातकों और व्यापार प्रतिनिधिमंडलों को तुर्की और अजरबैजान स्थित कंपनियों या संस्थानों के साथ किसी भी तरह के संपर्क से हतोत्साहित किया जाएगा।