वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आठ प्रमुख ओपेक प्लस (OPEC+) देशों ने मई 2026 से कच्चे तेल के उत्पादन में वृद्धि करने का रणनीतिक निर्णय लिया है। 5 अप्रैल 2026 को हुई एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक के बाद, इन देशों ने कुल 2,06,000 बैरल प्रतिदिन की उत्पादन वृद्धि को लागू करने की घोषणा की है। इस सामूहिक कदम का नेतृत्व सऊदी अरब और रूस करेंगे, जो इस अतिरिक्त उत्पादन का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बाजार में उतारेंगे। यह निर्णय मौजूदा वैश्विक बाजार स्थितियों और भविष्य की ऊर्जा मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह वृद्धि उन स्वैच्छिक कटौतियों में एक क्रमिक समायोजन है जो पूर्व में लागू की गई थीं। विशेष रूप से, अप्रैल 2023 में जो 1.65 मिलियन बैरल प्रतिदिन की अतिरिक्त स्वैच्छिक उत्पादन कटौती घोषित की गई थी, उसी में से अब 2,06,000 बैरल प्रतिदिन को बाजार में वापस लाया जा रहा है। यह वापसी बाजार की बदलती परिस्थितियों के आधार पर क्रमिक रूप से की जाएगी।
उत्पादन के आंकड़ों से आगे बढ़ते हुए, ओपेक+ के इन आठ देशों ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं और समुद्री शिपिंग मार्गों की सुरक्षा पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है। हाल के समय में ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों के संदर्भ में समूह ने स्पष्ट किया कि क्षतिग्रस्त ऊर्जा संपत्तियों को पूरी क्षमता में बहाल करना अत्यंत खर्चीला और समय लेने वाला काम है। इसका सीधा असर समग्र आपूर्ति उपलब्धता और वैश्विक बाजार पर पड़ता है।
समूह ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि बुनियादी ढांचे पर हमलों या अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में किसी भी प्रकार के व्यवधान से बाजार में अस्थिरता बढ़ती है। इस तरह की कार्रवाइयां उत्पादकों, उपभोक्ताओं और संपूर्ण वैश्विक अर्थव्यवस्था के लाभ के लिए बाजार स्थिरता का समर्थन करने वाले सामूहिक प्रयासों को कमजोर करती हैं।
सऊदी अरब, रूस और अन्य भागीदार देशों ने स्पष्ट किया है कि वे बाजार की स्थितियों का बारीकी से आकलन करना जारी रखेंगे। बाजार में स्थिरता बनाए रखने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत, उन्होंने एक सतर्क दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। तेल उत्पादक देशों ने अपनी नीति में पूरी तरह लचीलापन बनाए रखा है; अर्थात्, यदि परिस्थितियां बदलती हैं, तो स्वैच्छिक उत्पादन समायोजन के चरणबद्ध तरीके को रोका या वापस भी लिया जा सकता है। इसमें नवंबर 2023 में घोषित 2.2 मिलियन बैरल प्रतिदिन की कटौती के फैसले को पलटने का विकल्प भी शामिल है।