शुक्रवार को पेट्रोल की कीमतों में तेल कंपनियों ने राहत दी है। महानगरों में पेट्रोल 18 पैसे प्रति लीटर तक सस्ता हो गया है। दिल्ली में जहां पेट्रोल 14 पैसे प्रति लीटर, वहीं कोलकाता में 13 पैसे, मुंबई में 18 पैसे और चेन्नई में 15 पैसे प्रति लीटर तक सस्ता हुआ है। हालांकि डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
प्रपोजल पर पहले ईरान सहित 3 ने विरोध जताया था, लेकिन अब वह भी कम मात्रा में सप्लाई बढ़ाने पर सहमत हो गया है। वहीं, रूस भी प्रोडक्शन बढ़ाने पर सहमत है। अगर प्रोडक्शन बढ़ाने पर सहमति बनती है तो क्रूड में गिरावट बन सकती है। फिलमाल अब मार्केट की नजर इसी फैसले पर है।
क्रूड 74 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर
बता दें कि 2016 के अंत में क्रूड की गिरती कीमतों को देखते हुए ओपेक और नॉन ओपेक देशों ने क्रूड प्रोडक्शन घटाने को लेकर एग्रीमेंट किया था। जिसके बाद पिछले 2 साल में क्रूड की कीमतें लगातार बढ़ी हैं। गुरूवार को क्रूड की कीमतें करीब 74 डॉलर प्रति बैरल के रेंज पर बंद हुईं। सप्लाई बढ़ने के संकेतों से पिछले एक महीने के दौरान क्रूड में करीब 6 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट आ चुकी है।
ईरान के पेट्रोलियम मंत्री तेल निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) की बैठक छोड़कर बाहर चले गए। दरअसल , सऊदी अरब ओपेक देशों से कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहा है, जिसके चलते दोनों देशों के बीच तनातनी बढ़ गयी है।
ओपेक बैठक की पूर्व संध्या पर आयोजित मंत्रियों के समूह ने तेल उत्पादन बढ़ाने को लेकर चर्चा की। इसके बाद ईरान के पेट्रोलियम मंत्री बिजान नामदार जंगानेह ने संवाददाताओं से कहा, " मुझे नहीं लगता है कि हम किसी समझौते तक पहुंच सकते हैं। "
इस वार्ता को ओपेक बैठक की तैयारी के रूप में देखा जा रहा था। 14 सदस्यीय ओपेक देशों के बीच आज बैठक होनी है। बैठक में कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है। जनवरी 2017 से उत्पादन में कटौती जारी है लेकिन अब सऊदी अरब ने कच्चे तेल की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने की वकालत की है। इस मामले में रूस सऊदी अरब का समर्थन कर रहा है।
हालांकि उत्पादन बढ़ाने के प्रस्ताव का ईरान, इराक और वेनेजुएला ने विरोध किया है। इन देशों को लगता है कि तुरंत उत्पादन बढ़ाने से इन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा और इनकी बाजार हिस्सेदारी तथा राजस्व का नुकसान होने का डर है।