निर्मला सीतारमण ने कहा, 'ऑनलाइन मंच के ‘गिग वर्कर' न्यू एज सर्विस अर्थव्यवस्था को बहुत गतिशीलता प्रदान करते हैं। उनके योगदान को सम्मान देते हुए हमारी सरकार ई-श्रम पोर्टल पर उनके पहचान पत्र और पंजीकरण की व्यवस्था करेगी।'
केंद्र सरकार ने बजट में गरीब तबके के लोगों के लिए बड़ा एलान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि सरकार एक करोड़ 'गिग वर्कर्स' को मदद देने के लिए ई-श्रम मंच पर पंजीकरण की व्यवस्था शुरू करेगी। इसके लिए श्रमिकों के पहचान पत्र की व्यवस्था भी की जाएगी। ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए डिलिवरी सेवाएं प्रदान करने वाले कर्मचारी गिग कर्मियों की श्रेणी में आते हैं।
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पहचान पत्र और पंजीकरण की व्यवस्था
केंद्रीय बजट 2025-26 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि शहरी श्रमिकों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए एक योजना लागू की जाएगी। उन्होंने कहा, 'ऑनलाइन मंच के ‘गिग वर्कर' न्यू एज सर्विस अर्थव्यवस्था को बहुत गतिशीलता प्रदान करते हैं। उनके योगदान को सम्मान देते हुए हमारी सरकार ई-श्रम पोर्टल पर उनके पहचान पत्र और पंजीकरण की व्यवस्था करेगी।
एक करोड़ श्रमिकों को सहायता मिलने की संभावना
सीतारमण ने कहा कि ऐसे श्रमिकों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के तहत स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इससे करीब एक करोड़ श्रमिकों को सहायता मिलने की संभावना है।
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‘डेकेयर’ कैंसर केंद्रों की स्थापना
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि अगले वर्ष तक मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 10,000 सीट जोड़ी जाएंगी, जबकि उसके अगले पांच वर्षों में 75,000 सीट और जोड़ी जाएंगी। सरकार अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में ‘डेकेयर’ कैंसर केंद्रों की स्थापना की सुविधा भी प्रदान करेगी।