ओला और उबर चालकों की हड़ताल बुधवार को छठे दिन भी जारी है। दिल्ली एनसीआर में करीब 2 लाख टैक्सियां हैं। मंगलवार को भी डेढ़ लाख से ज्यादा टैक्सियां सड़कों पर नहीं उतरीं। जो उतरीं भी हैं तो कंपनी सर्ज प्राइसिंग के नाम पर उनसे तीन गुना तक किराया वसूल रही है।
इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों से बात हुई तो पता चला कि या तो कैब उपलब्ध नहीं है अगर हैं भी तो मनमाना किराया वसूला जा रहा है।
वहीं हड़ताल के कारण टैक्सी कंपनियों ने ग्राहकों से इस असुविधा के लिए माफी मांगी है। हालांकि जंतर-मंतर पर चल रहे अनशन और विरोध प्रदर्शन में आए चालकों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। चालकों ने कहा कि कुछ चालक अभी भी टैक्सी चला रहे हैं, जिससे कंपनियों पर फर्क नहीं पड़ रहा है। वह अब ऐसे चालकों व कंपनियों के खिलाफ सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं।