आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2023-24 या वित्त वर्ष 2022-23 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने को ऑफलाइन आईटीआर-1 और आईटीआर-4 फॉर्म जारी किए हैं। अब जो भी आयकरदाता आईटीआर-1 और आईटीआर-4 फॉर्म के जरिये अपना रिटर्न ऑफलाइन भरना चाहते हैं, वे भर सकते हैं।
फॉर्म में हुआ ये बदलाव : आईटीआर फॉर्म में इस साल ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला है। फिर भी, एक बड़ा बदलाव हुआ है। इसके तहत अब आयकरदाता को क्रिप्टोकरेंसी और वर्चुअल डिजिटल एसेट लेनदेन से से जुड़ी जानकारी देना जरूरी है। सरकार ने आयकर कानूनों में संशोधन कर क्रिप्टोकरेंसी और दूसरे वर्चुअल डिजिटल एसेट को टैक्सेबल बना दिया है।
फॉर्म भरने के बाद जरूर करें सत्यापन
रिटर्न भरते समय सही आईटीआर फॉर्म का चुनाव करें। अगर आप आईटीआर भरते समय गलत फॉर्म का इस्तेमाल करते हैं तो इसे दोषपूर्ण रिटर्न माना जाता है। इसके अलावा, ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से आईटीआर भरते समय याद रखें कि एक बार रिटर्न फॉर्म जमा करने के बाद इसे सत्यापित करना अनिवार्य है। आपके आईटीआर को आयकर विभाग तब तक प्रोसेस नहीं करेगा, जब तक इसे आपकी ओर से सत्यापित नहीं किया जाता है। -अतुल गर्ग, चार्टर्ड अकाउंटेंट