दुनिया की सबसे बड़ी चिपमेकर और सेमीकंडक्टर कंपनी एनवीडिया कॉरपोरेशन (एनवीडिया कॉर्प) ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में एक बार फिर हलचल तेज कर दी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और एक्सीलरेटेड कंप्यूटिंग की रिकॉर्ड मांग के बीच कंपनी के निदेशक मंडल (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर) ने अपने शेयर बायबैक (शेयर रीपरचेज) कार्यक्रम में अभूतपूर्व बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सोमवा को अमेरिकी शेयर बाजार खुलने से ठीक पहले हुए इस ऐतिहासिक ऐलान के बाद निवेशकों में भारी उत्साह देखा गया, जिससे वाल स्ट्रीट पर कंपनी के शेयर में करीब 4% का जोरदार उछाल आया। 5.42 डॉलर ट्रिलियन के विशाल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के साथ एनवीडिया वैश्विक टेक जगत में अपनी बादशाहत कायम रखे हुए है।
कंपनी द्वारा जारी आधिकारिक बयान और नियामक फाइलिंग के मुताबिक, बोर्ड ने मौजूदा शेयर रीपरचेज प्रोग्राम के तहत अतिरिक्त 150 बिलियन डॉलर (या 150 मिलियन) की राशि की मंजूरी दी है। इस बढ़ोतरी के बाद कंपनी का कुल बचा हुआ अधिकृत बायबैक बजट बढ़कर 235 बिलियन डॉलर (और कुल डील 135 बिलियन) के स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी की आधिकारिक फाइलिंग के अनुसार, कॉरपोरेट इतिहास में शेयर बायबैक सीमा में की गई यह अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। एनवीडिया की योजना इस पूरे बायबैक प्रोग्राम को वित्तीय वर्ष 2028 तक निष्पादित करने की है।
एनवीडिया के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जेन्सन हुआंग ने इस कदम को कंपनी के दीर्घकालिक अवसरों में अटूट विश्वास का प्रमाण बताया है। हुआंग ने कहा, "हमारा मजबूत कैश जनरेशन हमें ऐसी तकनीकों में निवेश करने की क्षमता देता है जो इस बदलाव को आगे बढ़ाती हैं, साथ ही हम शेयरधारकों को पूंजी का प्रतिफल दे पा रहे हैं। यह मंजूरी भविष्य के अवसरों में हमारे विश्वास को दर्शाती है।"
सोमवार को वाल स्ट्रीट पर कारोबार शुरू होते ही एनवीडिया के शेयरों में तेजी से खरीदारी दर्ज की गई।
एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के हवाले से जारी रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर की कंपनियों द्वारा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर स्थापित करने की होड़ के चलते वर्ष 2027 तक एनवीडिया का पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) 1.3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। एडवांस चिप्स के सबसे बड़े निर्माता के रूप में एनवीडिया वैश्विक एआई बूम और चिपमेकिंग बुनियादी ढांचे पर हो रहे भारी निवेश की सबसे बड़ी लाभार्थी बनी हुई है।
एनवीडिया का यह ऐतिहासिक शेयर रीपरचेज फैसला न केवल कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और कैश-फ्लो क्षमता को साबित करता है, बल्कि वैश्विक टेक परिदृश्य में एआई की दीर्घकालिक मांग को भी रेखांकित करता है। विश्लेषकों का मानना है कि रिकॉर्ड शेयर बायबैक और डेटा सेंटर चिप्स की मजबूत मांग के बूते एनवीडिया आने वाले वर्षों में सेमीकंडक्टर और एआई बाजार की अगुवाई करती रहेगी।