बैंक निफ्टी में ट्रेड करने वालों के लिए एक काम की खबर है। नेशनल स्टॉल एक्सचेंज ने बैंक निफ्टी का लॉट साइज 25 से घटाकर 15 करने की घोषणा की है। हलांकि एनएसई ने इसके अलावे अन्य डेरेवेटिव अनुबंधों की लॉट साइज में कोई परिवर्तन नहीं किया है। इनमें निफ्टी 50, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी मिडकैप सिलेक्ट हैं, जिनके लॉट साइज क्रमशः 50, 45 और 75 हैं। एनएसई ने शुक्रवार को बताया है कि उसकी ओर से जारी अधिसूचना 28 अप्रैल से प्रभावी होगी।
- निफ्टी के फैसले से क्या क्या बदलेगा?
- जुलाई 2023 की एकस्पायरी वाले बैंक निफ्टी अनुबंधों की लॉट साइज में बदलाव होगा। अप्रैल 2023, मई 2023 और जून 2023 की मैच्युरिटी वाले अनुबंधों की लॉट साइज पहले जैसी रहेगी।
- जुलाई 2023 की मंथली एक्सपायरी और उसके बाद के सभी अनुबंधों की लॉट साइज बदल जाएगी यानी 25 से 15 हो जाएगी। मई 2023, जुलाई 2023 जून 2023 और जुलाई 2023 में समाप्त होने वाले अनुबंध के लिएउ डे स्प्रेड ऑर्डर बुक उपलब्ध नहीं रहेगा।
- अगस्त 2023 की एक्सपायरी वाले अनुबंधों के लॉट साइज बदल जाएंगे।
- कम से कम तीन महीने से अधिक समय में एक्सपायर होने वाले अनुबंधों के लॉट साइज 30 जून के बाद बदलकर स्वतः ही 25 से 15 हो जाएंगे।
- क्यों लिया गया लॉट साइज में बदलाव का फैसला?
एनएसई लॉट साइज में बदलाव का यह फैसला सरकार की ओर से एफएंडओ ट्रेडर्स के लिए सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स में बढ़तरी करने के बाद लिया गया है। फाइनेंस बिल 2023, में ऑप्शंस ट्रेडिंग के लिए एसटीटी को 0.05 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.0625 प्रतिशत कर दिया गया है। फ्यूचर ट्रेडिंग के लिए इसे 0.01 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.0125 प्रतिशत कर दिया गया है। फ्यूचर सेगमेंट में ट्रेडिंग करने वाले कारोबारियों को अब एक करोड़ के टर्नओवर पर 1250 रुपये एसटीटी के रूप में चुकाने पड़ेंगे, पहले उन्हें 1000 रुपये चुकाने पड़ते थे। वहीं ऑप्शंस सेगमेंट में कारोबार करने वाले कारोबारियों को एसटीटी के रूप में एक कारोड़ से अधिक के टर्नओवर पर एसटीटी के रूप में 6250 रुपये चुकाने पड़ेंगे, पहले उन्हें 5000 रुपये चुकाना चुकाने पड़ते थे।