ईडी के अनुसार, फोन टैपिंग मामला 2009 से 2017 की अवधि से संबंधित है, जब एनएसई के पूर्व सीईओ रवि नारायण, रामकृष्ण, कार्यकारी उपाध्यक्ष रवि वाराणसी और प्रमुख (परिसर) महेश हल्दीपुर और अन्य ने एनएसई और उसके कर्मचारियों को धोखा देने की साजिश रची।
एनएसई फोन टैपिंग से जुड़े धनशोधन के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने चित्रा रामकृष्ण को जमानत दे दी है। उनपर मनी लाउंड्रिंग के आरोप थे। चित्रा रामकृष्ण कथित फोन टैपिंग मामले में सीबीआई मामले में पहले से ही जमानत पर हैं। विस्तृत आदेश का पालन करना है। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने कहा कि आवेदक को जमानत दी जाती है। उन्होंने कहा, ''आवेदन स्वीकार किया जाता है।"
विज्ञापन
एनएसई की पूर्व प्रबंध निदेशक को पहले कथित एनएसई को-लोकेशन घोटाले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया गया था। इस मामले प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल 14 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार किया था। उच्च न्यायालय ने पिछले साल सितंबर में सीबीआई से जुड़े मामले में उन्हें जमानत दे दी थी।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मौजूदा मामले में उनकी जमानत याचिका का इस आधार पर विरोध किया था कि वह साजिश के पीछे 'मास्टरमाइंड' हैं।
ईडी के अनुसार, फोन टैपिंग मामला 2009 से 2017 की अवधि से संबंधित है, जब एनएसई के पूर्व सीईओ रवि नारायण, रामकृष्ण, कार्यकारी उपाध्यक्ष रवि वाराणसी और प्रमुख (परिसर) महेश हल्दीपुर और अन्य ने एनएसई और उसके कर्मचारियों को धोखा देने की साजिश रची।